यूपी में शहीद परिवार की बेटियों को योगी सरकार का तोहफा, 10% कम अंक पर भी मिलेगी स्कूटी
शहीद बेटियों को योगी सरकार का तोहफा
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत छात्राओं के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है. अब शहीद परिवार, दिव्यांग और निराश्रित वर्ग की मेधावी छात्राओं को भी उच्च शिक्षा के लिए स्कूटी मिलेगी, भले ही उनके अंक सामान्य मेरिट से 10% कम हों.
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्राओं की पढ़ाई को आसान बनाने और उच्च शिक्षा में बीच में पढ़ाई छोड़ने की दर कम करने के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को लेकर बड़ा फैसला लिया है. योजना के तहत सामान्य मेधावी छात्राओं के अलावा अब शहीद परिवार की मेधावी, दिव्यांग और निराश्रित छात्राओं को भी राहत मिलेगी. खास बात यह है कि सामान्य मेरिट से 10 फीसदी कम अंक होने पर भी इन विशेष श्रेणियों की छात्राएं स्कूटी के लिए पात्र हो सकेंगी.
स्नातक की टॉप 5 फीसदी छात्राओं को मिलेगी स्कूटी
योजना शैक्षिक सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं के लिए लागू की जा रही है. इसके तहत संबंधित संस्थानों की टॉप पांच प्रतिशत छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी. इसके लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी होगा. सामान्य मेधावी छात्राओं के लिए तय मेरिट के मुकाबले 10 फीसदी कम अंक पाने वाली शहीद परिवार की मेधावी, दिव्यांग और निराश्रित छात्राओं को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा.
किन शहीद परिवारों की बेटियां होंगी पात्र?
उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल की ओर से जारी दिशानिर्देशों में शहीद परिवार की परिभाषा भी स्पष्ट की गई है. इसमें सशस्त्र बलों की तीनों सेनाओं और अर्द्धसैनिक बलों में स्थायी या अस्थायी रूप से नियुक्त कमीशन अधिकारी और सैनिक शामिल हैं, जो ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हों. अगर शहीद सैनिक अविवाहित थे तो उनकी मां और अविवाहित बहन को भी आश्रित माना जाएगा.
सरकारी से निजी कॉलेज तक योजना का दायरा
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का लाभ उच्च शिक्षा विभाग और अन्य विभागों के राज्य व निजी विश्वविद्यालयों के साथ-साथ राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध राजकीय, एडेड और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की पात्र छात्राओं को मिलेगा. पोर्टल लाइव होने के बाद विश्वविद्यालयों को एक सप्ताह के भीतर पात्र छात्राओं की सूची संबंधित जिलाधिकारी और निदेशक उच्च शिक्षा को भेजनी होगी. इसके बाद डीएम सत्यापन कराएंगे और चयनित वेंडर के माध्यम से स्कूटी आवंटित कराई जाएगी. वितरण के बाद इसका प्रमाणपत्र पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा.
80 फीसदी या उससे अधिक दिव्यांगता पर मिलेगा लाभ
दिव्यांग छात्राओं के लिए भी योजना में विशेष प्रावधान किया गया है. मस्क्यूलर डिस्ट्रोफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी और हीमोफीलिया आदि से ग्रस्त ऐसी छात्राएं पात्र होंगी, जिनका कमर से ऊपर का हिस्सा स्वस्थ हो और वे मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल खुद चला सकें. ऐसी छात्राओं की दिव्यांगता 80 फीसदी या उससे अधिक होने का प्रमाण जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी यानी सीएमओ को देना होगा. पात्र दिव्यांग छात्राओं को स्कूटी के साथ रेट्रोफिटेड स्टेबलाइजर किट भी दी जाएगी.
माता-पिता में से एक की मौत और कोई सहारा नहीं तो निराश्रित श्रेणी में पात्रता
निराश्रित श्रेणी में ऐसी छात्राओं को शामिल किया जाएगा, जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो चुकी हो और परिवार में भरण-पोषण करने वाला कोई अन्य सदस्य न हो. इस श्रेणी के लिए परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है. यानी तय आय सीमा और अन्य शर्तें पूरी करने वाली छात्राएं योजना में शामिल हो सकेंगी.
स्कूटी के साथ पेट्रोल और हेलमेट भी मिलेगा
सरकार की ओर से मिलने वाले स्कूटी पैकेज में सिर्फ वाहन ही नहीं होगा. इसमें पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, आईएसआई मार्का हेलमेट, चार लीटर पेट्रोल और पूरी एसेसरीज भी शामिल होगी. हर जिले में समारोह आयोजित कर चयनित छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी.
अधिकारियों और विश्वविद्यालयों को भेजा गया पत्र
योजना को लागू करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और संस्थानों को दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं. इस संबंध में सभी प्रमुख सचिवों, जिलाधिकारियों, मंडलायुक्तों के साथ राज्य व निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कुलसचिवों को पत्र भेजा गया है. सरकार का मकसद छात्राओं को उच्च शिक्षा के दौरान आने वाली आवागमन की परेशानी कम करना और उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है.
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