जूता-मोजा और यूनिफॉर्म के लिए मिलेंगे 1200 रुपये, UP के 3 से 6 साल के बच्चों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की नई पहल

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प्री-प्राइमरी बच्चों के लिए 1200 की योजना शुरू

UP News: उत्तर प्रदेश में प्री-प्राइमरी के 3 से 6 साल के बच्चों के लिए बड़ी खबर है. अब उन्हें भी यूनिफॉर्म, जूता-मोजा खरीदने के लिए 1200 रुपये मिलेंगे. यह राशि बच्चों के परिजनों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी.

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UP News: उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्री-प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले 3 से 6 साल के बच्चों के लिए बड़ी पहल की गई है. अब इन बच्चों को भी यूनिफॉर्म, जूता-मोजा और अन्य जरूरी सामग्री खरीदने के लिए 1200 रुपये की राशि मिलेगी. अभी तक प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलता था. इसकी शुरुआत बेसिक शिक्षा विभाग के पीएम श्री विद्यालयों में संचालित प्री-प्राइमरी कक्षाओं से की जाएगी. राशि बच्चों के बजाय उनके परिजनों के आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी.

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1235 पीएम श्री स्कूलों के प्री-प्राइमरी बच्चों को मिलेगा लाभ

बेसिक शिक्षा के 1235 पीएम श्री विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित हो रही हैं. अब इन कक्षाओं में पढ़ने वाले सभी बच्चों के परिजनों से बैंक खाते की जानकारी मांगी गई है. परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को पहले से ही यूनिफॉर्म, जूता-मोजा और अन्य जरूरी सामग्री के लिए 1200 रुपये दिए जाते हैं. इसी व्यवस्था का विस्तार अब प्री-प्राइमरी बच्चों तक किया जा रहा है. विभाग का मानना है कि बच्चे जब यूनिफॉर्म में स्कूल आएंगे तो उनमें विद्यालय आने को लेकर रुचि और नियमितता बढ़ेगी. परिषदीय स्कूलों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को भी प्री-प्राइमरी स्कूलों की तर्ज पर चलाया जा रहा है, ताकि बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके.

29 एडेड स्कूलों की मरम्मत, तीन राजकीय स्कूलों का होगा निर्माण

यूपी में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक शिक्षा से जुड़े स्कूलों के लिए भी काम किया जा रहा है. इसके तहत तीन नए राजकीय माध्यमिक स्कूलों का निर्माण किया जाएगा, जबकि 29 अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों की मरम्मत कर उनकी स्थिति बेहतर की जाएगी. इसके लिए करीब 14.76 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. जिन राजकीय स्कूलों के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है, उनमें चित्रकूट का राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भी शामिल है. यह विद्यालय अभी अपूर्ण है और इसे निर्माण कार्य पूरा कर तैयार किया जाएगा. इसके लिए 4.11 करोड़ रुपये दिए गए हैं.

परिषदीय स्कूलों में भी होगी PTM, हर सत्र में चार बैठकें

कांवेंट स्कूलों की तर्ज पर अब परिषदीय विद्यालयों में भी पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) आयोजित की जाएगी. शासन ने एक सत्र में चार PTM कराने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को 250 रुपये की धनराशि आवंटित की गई है. इन बैठकों का उद्देश्य केवल बच्चों की पढ़ाई की जानकारी देना नहीं होगा, बल्कि शिक्षक और अभिभावक मिलकर यह भी समझेंगे कि बच्चा स्कूल में कैसा प्रदर्शन कर रहा है, नियमित रूप से विद्यालय क्यों नहीं आ रहा और पढ़ाई में किन क्षेत्रों में पीछे है. इससे बच्चों की पढ़ाई और स्कूल में उनकी उपस्थिति को बेहतर बनाने पर मिलकर काम किया जा सकेगा.

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