Janmashtami 2026: मथुरा-वृंदावन की वो रहस्यमयी जगह, जहां सूर्य ढलते ही बंद हो जाते हैं दरवाजे! मान्यता- आज भी राधा-कृष्ण रचाते हैं रासलीला

Updated:
विज्ञापन

मथुरा-वृंदावन की वो रहस्यमयी जगह, जहां सूर्य ढलते ही बंद हो जाते हैं दरवाजे

UP News: ब्रजभूमि के निधिवन का रहस्य हर साल जन्माष्टमी पर चर्चा में रहता है. मान्यता है कि सूर्य ढलते ही यहां राधा-कृष्ण रासलीला करते हैं, इसलिए रात में प्रवेश वर्जित है. जानें इस अनोखी जगह की पूरी कहानी.

विज्ञापन

UP News: आज देशभर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है. मथुरा से लेकर वृंदावन तक मंदिरों में भव्य सजावट है और आधी रात को कान्हा के जन्म का इंतजार है. लेकिन ब्रजभूमि में एक ऐसी जगह भी है, जिसका रहस्य आज तक श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. नाम है निधिवन. कहा जाता है कि यहां दिन में श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं, लेकिन सूरज ढलते ही निधिवन के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और रात में किसी के रुकने की अनुमति नहीं होती. इसके पीछे सदियों पुरानी धार्मिक मान्यता जुड़ी है कि रात में यहां श्रीकृष्ण और राधा रानी रासलीला करते हैं.

विज्ञापन

शाम होते ही खाली हो जाता है पूरा परिसर

निधिवन को लेकर सबसे रहस्यमयी बात यही है कि शाम के बाद यहां लोगों का प्रवेश बंद हो जाता है. स्थानीय धार्मिक परंपरा और श्रद्धालुओं की मान्यता के अनुसार रात के समय निधिवन में दिव्य लीला होती है. इसी वजह से सूर्यास्त के बाद पूरा परिसर खाली करा दिया जाता है. यह परंपरा आज भी कायम है.

रंग महल से जुड़ी है सबसे बड़ी मान्यता

निधिवन परिसर में स्थित रंग महल को लेकर भी श्रद्धालुओं के बीच खास आस्था है. मान्यता है कि रात्रि में राधा-कृष्ण यहां विश्राम करते हैं. इसी विश्वास के चलते वहां रात के लिए सजावट और भोग से जुड़ी धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं. सुबह मंदिर खुलने पर श्रद्धालु इसे भगवान की रात्रि लीला से जोड़कर देखते हैं. हालांकि, इन घटनाओं को लेकर कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है. इन्हें धार्मिक आस्था और स्थानीय मान्यता के रूप में ही देखा जाता है.

निधिवन के पेड़ों को लेकर भी है अनोखी मान्यता

निधिवन में तुलसी के पेड़ों का घना परिसर है. धार्मिक मान्यता है कि यहां के पेड़ साधारण पेड़ों से अलग हैं और रात्रि में ये गोपियों का रूप धारण कर लेते हैं. भक्तों का विश्वास है कि श्रीकृष्ण रात में गोपियों के साथ रास रचाते हैं. यही वजह है कि निधिवन को ब्रज की सबसे रहस्यमयी और पवित्र जगहों में गिना जाता है.

क्यों नहीं रुकता कोई रात में?

निधिवन को लेकर स्थानीय परंपरा इतनी मजबूत है कि सूर्यास्त के बाद यहां किसी व्यक्ति के रुकने की अनुमति नहीं होती. धार्मिक मान्यता के मुताबिक जो व्यक्ति रात्रि में यहां की दिव्य लीला देखने की कोशिश करता है, उसके साथ अनिष्ट हो सकता है. इसी वजह से श्रद्धालु सूर्यास्त से पहले ही परिसर से बाहर निकल जाते हैं.

जन्माष्टमी पर और बढ़ जाता है रहस्य

आज 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा-वृंदावन में कृष्ण जन्मोत्सव की धूम है. मथुरा और वृंदावन इस पर्व के प्रमुख केंद्र हैं और आधी रात को कृष्ण जन्म के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसे में निधिवन की कहानी एक बार फिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच चर्चा में है.

क्या सच में रात में निधिवन में राधा-कृष्ण की रासलीला होती है?

इस सवाल का कोई वैज्ञानिक उत्तर नहीं है. लेकिन ब्रजभूमि में पीढ़ियों से चली आ रही यह मान्यता आज भी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का हिस्सा है. यही आस्था निधिवन को जन्माष्टमी के मौके पर और भी रहस्यमयी बना देती है. आस्था के लिए यह राधा-कृष्ण की पवित्र लीला की भूमि है और रहस्य के लिहाज से ऐसी जगह, जिसके दरवाजे सूर्यास्त के साथ बंद हो जाते हैं—और फिर सुबह ही खुलते हैं.

यह भी पढ़ें: UP Swine Flu Alert: यूपी में स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई टेंशन! 685 केस सामने आए, लखनऊ में 43 एक्टिव मरीज

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola