UP में बैंक हड़ताल से कामकाज ठप, 800 करोड़ के कारोबार पर असर का दावा, आखिर क्यों हड़ताल पर कर्मचारी? जानें क्या हैं मांगें
हड़ताल पर बैंक के कर्मचारी
वाराणसी में 11 सितंबर को बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण 400 बैंक शाखाओं में कामकाज ठप है. करीब 3,000 कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे करोड़ों के कारोबार पर असर पड़ा है. कर्मचारियों की मुख्य मांगें 5-डे वर्किंग और फेयर PLI का समान वितरण हैं.
UP News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल है. जिले की करीब 400 बैंक शाखाओं में कामकाज बंद है और करीब 3,000 बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं. बैंक शाखाओं के बाहर कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. कर्मचारियों का दावा है कि हड़ताल से वाराणसी शहर में करीब 400 करोड़ रुपये और पूरे जनपद में लगभग 800 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा है.
बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित
हड़ताल के कारण वाराणसी की बैंक शाखाओं में सामान्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हैं. कर्मचारी बैंक के गेट पर खड़े होकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इससे बैंकिंग काम के लिए शाखाओं में पहुंचने वाले ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, ATM, UPI, इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है. बैंक कर्मचारियों का कहना है कि मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार और संबंधित पक्षों से बातचीत चल रही है, लेकिन समाधान नहीं निकलने के कारण हड़ताल करनी पड़ी.
5-डे वर्किंग की मांग
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन वाराणसी के डिप्टी कन्वेनर और यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के सेक्रेटरी संजय कुमार शर्मा ने बताया कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक कर्मचारियों की छुट्टी रहती है. कर्मचारियों की मांग है कि सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग की जाए और मौजूदा काम के घंटों को सोमवार से शुक्रवार के बीच बढ़ाकर समायोजित किया जाए.
फेयर PLI में समान हिस्सेदारी की मांग
संजय कुमार शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों की एक अन्य प्रमुख मांग फेयर PLI (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) को लेकर है. कर्मचारियों की मांग है कि बैंक के चपरासी से लेकर स्केल 4, 5 और 6 तक के कर्मचारियों के बीच PLI का समान रूप से वितरण किया जाए. उनका आरोप है कि सरकार इन मांगों पर मनमानी कर रही है. इसी के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के सात घटक दलों के आह्वान पर देशभर के सरकारी बैंकों में हड़ताल है.
वाराणसी के कारोबार पर 800 करोड़ के असर का दावा
बैंक कर्मचारियों के मुताबिक, हड़ताल के कारण वाराणसी शहर में करीब 400 करोड़ रुपये और पूरे वाराणसी जनपद में लगभग 800 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा है. यह आंकड़ा कर्मचारियों की ओर से किया गया दावा है. बैंक शाखाओं में कामकाज बंद रहने से शाखा आधारित बैंकिंग सेवाओं पर निर्भर ग्राहकों और कारोबारियों को परेशानी हो रही है. डिजिटल माध्यमों से होने वाले लेनदेन पर हालांकि हड़ताल का सीधा असर सीमित रहने की संभावना है.
28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल
11 सितंबर की एक दिवसीय हड़ताल के बाद बैंक यूनियनों ने 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. यदि इसके बाद भी कर्मचारियों की मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है. ऐसे में सितंबर के अंत और अक्टूबर में भी बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है.
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