4 हजार की घूस पड़ी भारी, लेखपाल को 5 साल की सजा, कोर्ट ने भ्रष्टाचार पर की सख्त टिप्पणी

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मामले में कोर्ट का आदेश (AI सांकेतिक तस्वीर)

मामले में कोर्ट का आदेश (AI सांकेतिक तस्वीर)

UP News: बरेली में एक लेखपाल को किसान से 4 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में 5 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है. विशेष न्यायाधीश ने भ्रष्टाचार को लेकर कड़े शब्दों में निंदा की. इस फैसले ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश दिया है.

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UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली में किसान से चार हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में विशेष न्यायालय ने लेखपाल रामचंद्र को पांच साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश कमलेश्वर पांडेय ने भ्रष्टाचार को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केवल अपराध नहीं, बल्कि आम नागरिकों के सपनों और अधिकारों की हत्या है.

रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया था लेखपाल

विशेष लोक अभियोजक संतोष सिंह के अनुसार, क्योलड़िया क्षेत्र के नकटपुर गांव के किसान रामपाल सिंह ने 2020 में भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की थी. आरोप था कि खेत से जुड़े मामले में हल्का लेखपाल रामचंद्र ने कार्रवाई के बदले चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी और रकम नहीं देने पर पुलिस की मदद से खेत से चकरोड निकालने की धमकी दी. शिकायत के आधार पर गठित ट्रैप टीम ने 18 जनवरी 2020 को तहसील नवाबगंज में आरोपी लेखपाल को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था.

कोर्ट ने भ्रष्टाचार पर की सख्त टिप्पणी

मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण प्रथम कमलेश्वर पांडेय की अदालत में हुई. अभियोजन पक्ष ने आरोप साबित करने के लिए 14 गवाह पेश किए. अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए पांच साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई. फैसले में कोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार केवल एक अपराध नहीं, बल्कि ईमानदार नागरिकों के अधिकारों और उम्मीदों पर सीधा प्रहार है.

औरैया में रिश्वत के आरोप पर चकबंदी लेखपाल निलंबित

इधर, औरैया में भी रिश्वत लेने की शिकायत पर चकबंदी लेखपाल पवन यादव को निलंबित कर दिया गया है. संपूर्ण समाधान दिवस में मिली शिकायत के बाद विभागीय जांच में अभिलेखों के रखरखाव में अनियमितता, लापरवाही और अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि दाखिल-खारिज कराने के नाम पर छह हजार रुपये लेने के बावजूद काम नहीं किया गया और विरोध करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई.

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Khushboo Kumari

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By Khushboo Kumari

खुशबू कुमारी पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज, से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है तथा वर्तमान में इग्नू से मास्टर ऑफ आर्ट्स (मास कम्युनिकेशन एंड डिजिटल मीडिया) की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें जनहित से जुड़ी खबरों, डिजिटल पत्रकारिता, समाचार लेखन, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक डिजाइन में विशेष रुचि है. वे राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, अपराध और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर शोधपरक, तथ्यपरक और पाठकों के लिए उपयोगी डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं. उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है, ताकि समाचार केवल सूचना का माध्यम न होकर समाज के लिए उपयोगी साबित हों.

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