आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी देना पड़ सकता है पैसा? आगरा में डिस्चार्ज के बाद 15 दिन का नियम क्यों बना मुसीबत, जानें पूरा मामला
आयुष्मान कार्ड के बाद भी 15 दिन का नियम बना मुसीबत
UP News: आयुष्मान भारत योजना जरूरतमंदों के लिए वरदान है, लेकिन आगरा में 15 दिन की डिस्चार्ज समय सीमा मरीजों के लिए आफत बन रही है. अस्पताल से छूटने के बाद उसी बीमारी के इलाज के लिए दोबारा भर्ती होने में आ रही दिक्कतों का पूरा सच जानें.
UP Ayushman Card Rules: आयुष्मान भारत योजना जरूरतमंद मरीजों के लिए इलाज का बड़ा सहारा है, लेकिन आगरा में योजना से जुड़ी 15 दिन की समय सीमा मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन रही है. अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अगर उसी बीमारी या उपचार से जुड़ी परेशानी बढ़ जाती है, तो मरीज को 15 दिन तक उसी उपचार के लिए दोबारा भर्ती कराने में दिक्कत होती है. ऐसे में कुछ मरीजों को इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ रहा है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इस समय सीमा को खत्म करने की मांग की है.
आगरा में 102 अस्पताल योजना से जुड़े
आगरा जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत 102 अस्पताल पंजीकृत हैं. इनमें 80 निजी और 22 सरकारी अस्पताल शामिल हैं. अब तक जिले में 1,69,642 मरीज योजना का लाभ ले चुके हैं. अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद दोबारा परेशानी होने पर उसी उपचार के लिए तत्काल भर्ती कराने में दिक्कत आती है. इस दौरान यदि मरीज को इलाज की जरूरत पड़ती है और वह भर्ती होता है, तो खर्च खुद उठाना पड़ सकता है.
कैंसर ऑपरेशन के बाद दोबारा भर्ती में परेशानी
कासगंज निवासी कमलेश ने बताया कि उन्होंने आगरा में अपनी सास का कैंसर का ऑपरेशन कराया था. अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद दोबारा परेशानी होने पर उन्हें 15 दिन बाद नए सिरे से आवेदन करने की बात कही गई. उनका कहना है कि 15 दिन की बाध्यता खत्म हो जाए तो मरीजों को काफी राहत मिल सकती है.
फिजियोथेरेपी का खर्च भी खुद उठाया
रामबाग निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि हड्डी के ऑपरेशन के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज होने के कुछ दिन बाद उन्हें परेशानी हुई. उन्हें फिजियोथेरेपी कराने की सलाह दी गई. इसके लिए एक बार की फिजियोथेरेपी का खर्च 1,000 रुपये बताया गया. मजबूरी में उन्होंने घर पर ही फिजियोथेरेपी कराई.
15 दिन बाद नए सिरे से बनती है फाइल
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी के बाद परेशानी होने पर मरीज का फॉलोअप कराया जाता है. छुट्टी के 15 दिन बाद नए सिरे से फाइल बनाकर मरीज को भर्ती कराया जा सकता है. इस दौरान परेशानी बढ़ने पर मरीज दूसरे अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करा सकता है.
समय सीमा खत्म करने की आईएमए ने उठाई मांग
आईएमए अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच ने कहा कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद 15 दिन के बाद ही उसी उपचार के लिए दोबारा भर्ती कराया जा सकता है. इस दौरान मरीज दूसरे अस्पताल में संबंधित बीमारी का इलाज करा सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार को पत्र लिखकर 15 दिन की समय सीमा को खत्म करने की मांग की जाएगी.
आगरा में आयुष्मान योजना की स्थिति
- 3,18,239 लाभार्थी परिवार
- 2,71,926 परिवारों के कार्ड बने
- 1,69,642 मरीज हुए लाभान्वित
- 71,774 बुजुर्गों (70 वर्ष से अधिक) के कार्ड बने
- 102 अस्पताल पंजीकृत
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