26 मिनट में दौड़ पूरी की, फिर बिगड़ी तबीयत, लखनऊ में होमगार्ड भर्ती अभ्यर्थी की मौत

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लखनऊ में होमगार्ड भर्ती अभ्यर्थी की मौत

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उत्तर प्रदेश में 41,424 होमगार्ड पदों के लिए हो रही भर्ती प्रक्रिया के दौरान लखनऊ में एक अभ्यर्थी की दौड़ पूरी करने के बाद मौत हो गई. वहीं, संतकबीरनगर और मुरादाबाद में बारिश के कारण परीक्षा प्रभावित हुई.

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UP Home Guard PET 2026: उत्तर प्रदेश में 41,424 होमगार्ड पदों पर भर्ती के लिए मंगलवार से शुरू हुई शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान लखनऊ में एक अभ्यर्थी की मौत हो गई. सीतापुर निवासी योगेंद्र सिंह ने 26 मिनट में दौड़ पूरी की थी. इसके बाद वह थककर बैठ गया और अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई. वहीं, संतकबीरनगर में बारिश के कारण परीक्षा नहीं हो सकी, जबकि मुरादाबाद में दोपहर बाद बारिश होने पर परीक्षा स्थगित करनी पड़ी.

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दौड़ पूरी करने के बाद बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत

लखनऊ स्थित पीएसी की 35वीं वाहिनी में आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा में सीतापुर के रामकोट के ग्राम मढ़िया रहीमपुर निवासी अभ्यर्थी योगेंद्र सिंह ने दौड़ पूरी की. 26 मिनट में दौड़ पूरी करने के बाद वह थककर बैठ गया. इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.

बारिश के कारण संतकबीरनगर और मुरादाबाद में परीक्षा प्रभावित

संतकबीरनगर में बारिश की वजह से मंगलवार को शारीरिक दक्षता परीक्षा नहीं हो सकी. उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड अब अभ्यर्थियों की परीक्षा कराने के लिए किसी अन्य जिले में जगह तलाश रहा है. मुरादाबाद में भी दोपहर बाद बारिश के कारण परीक्षा स्थगित करनी पड़ी. मंगलवार को मुरादाबाद समेत अन्य केंद्रों पर 11 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने होमगार्ड बनने के लिए दौड़ लगाई. बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा की प्रक्रिया अगले करीब 12 दिनों तक जारी रह सकती है. हालांकि, बारिश होने पर इसकी अवधि बढ़ाई भी जा सकती है.

बिना जूते दौड़े अभ्यर्थी, कई हुए बेहोश

शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान कई अभ्यर्थी बिना जूते के ही दौड़ते नजर आए. बिना प्रैक्टिस के दौड़ लगाने पहुंचे अभ्यर्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई केंद्रों पर दौड़ के दौरान अभ्यर्थी बेहोश हो गए. कुछ अभ्यर्थियों ने अधिकारियों को बताया कि दौड़ लगाने के लिए शरीर को हल्का रखने के मकसद से उन्होंने कुछ खाया नहीं था. बोर्ड ने सभी केंद्रों पर मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था की थी, ताकि जरूरत पड़ने पर अभ्यर्थियों को तुरंत इलाज मिल सके.अब यह आपके भेजे हुए मूल कंटेंट के तथ्यों के अनुसार है और अनावश्यक जानकारी नहीं जोड़ी गई है.

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