राशन लेने वालों पर UP सरकार हर साल खर्च करेगी 60 करोड़, जानें क्या—क्या मिलेंगी सुविधाएं

सांकेतिक तस्वीर
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राशन वितरण को अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक बनाने का निर्णय लिया है. अब राशन लेने आने वाले लाभार्थियों को दुकानों पर बैठने के लिए कुर्सियां, पीने के लिए स्वच्छ पानी और स्वागत स्वरूप गुड़ या पेठा जैसी सुविधाएं मिलेंगी. इस नई व्यवस्था का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी, जिसका वार्षिक खर्च करीब 60 करोड़ रुपये होगा.
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुफ्त राशन वितरण व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. अब राशन लेने आने वाले लाभार्थियों को राशन दुकानों पर बैठने के लिए कुर्सियां, पीने के लिए स्वच्छ पानी और स्वागत स्वरूप गुड़ या पेठा उपलब्ध कराया जाएगा. इस नई व्यवस्था का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत करीब 3 करोड़ 65 लाख से अधिक राशन कार्डधारक हर महीने मुफ्त राशन प्राप्त करते हैं. सरकार को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई उचित दर की दुकानों पर लाभार्थियों के लिए बैठने और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. इसे देखते हुए खाद्य एवं रसद विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है.
कोटेदारों को मिलेगी आर्थिक सहायता
खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि राशन वितरण केंद्रों पर लाभार्थियों का सम्मानजनक तरीके से स्वागत किया जाएगा. कोटेदारों को अपने केंद्रों पर कुर्सियों की व्यवस्था करनी होगी, जिसके लिए उन्हें सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा राशन वितरण के दौरान स्वच्छ पेयजल के साथ गुड़ या पेठा भी रखा जाएगा.
नई व्यवस्था पर हर साल खर्च होंगे 60 करोड़ रुपये
सरकार के अनुसार, इस नई व्यवस्था पर हर वर्ष करीब 60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसका उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जनहितैषी बनाना है, ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें सम्मान के साथ सरकारी योजना का लाभ मिल सके.
चुनावी नजरिए से भी देखी जा रही पहल
सरकार का कहना है कि इस फैसले से राशन वितरण केंद्रों पर लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और सरकारी योजनाओं के प्रति उनका भरोसा मजबूत होगा. वहीं, राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गरीब और जरूरतमंद वर्ग तक सरकार की पहुंच मजबूत करने की रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं. हालांकि, सरकार का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह लाभार्थियों की सुविधा और सम्मान को ध्यान में रखकर लिया गया है.
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By Tilak Kumar
तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.
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