UP Flood: यूपी में बाढ़ का कहर: बलिया के 84 गांवों में घुसा पानी, 71 हजार लोग प्रभावित, सरयू का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा चिंता
गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण बाढ़ का संकट गहरा गया है. बलिया जिले में गंगा और सरयू नदी उफान पर हैं, जिससे 84 गांवों में पानी घुस गया है और करीब 71 हजार लोग प्रभावित हुए हैं. मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की चेतावनी जारी की है.
UP Flood News: उत्तर प्रदेश में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ प्रभावित इलाकों की चिंता बढ़ा दी है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि भारत मौसम विज्ञान विभाग के प्रादेशिक मौसम केंद्र, लखनऊ ने 7 सितंबर 2026 के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. सबसे गंभीर स्थिति बलिया जिले में बनी हुई है, जहां गंगा और सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से 84 गांवों की करीब 71 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित बताई गई है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के बाद बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोगों और प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है.

सरयू का जलस्तर भी बढ़ा, तटीय इलाकों में दहशत
बलिया में गंगा के साथ सरयू नदी भी लोगों की चिंता बढ़ा रही है. उपलब्ध जलस्तर की जानकारी के अनुसार सोमवार शाम चार बजे सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान से ऊपर बताया गया है. नदी की तेज धारा और बढ़ते पानी के कारण तटीय क्षेत्रों में कटान का खतरा भी बना हुआ है. नदी किनारे रहने वाले लोग लगातार जलस्तर की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. बाढ़ का पानी कई इलाकों में सरकारी परिसरों तक पहुंच गया है. बैरिया क्षेत्र की गोपालनगर पुलिस चौकी, ग्राम सचिवालय गोपालनगर और कंपोजिट विद्यालय परिसर में पानी पहुंचने से सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ है. निचले इलाकों और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षित ठिकाने, स्वच्छ पेयजल और भोजन की व्यवस्था बड़ी चुनौती बनी हुई है.

मंगलवारी को पूर्वी यूपी में कई जगह बारिश की संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग के प्रादेशिक मौसम केंद्र, लखनऊ के 7 सितंबर के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को लेकर भी चेतावनी जारी की है.

बलिया के निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की समस्या
बारिश की चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब प्रदेश के कई नदी तटीय और निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की समस्या पहले से बनी हुई है. भारी बारिश होने पर नदियों और मौसमी जलधाराओं का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, सड़क और परिवहन व्यवस्था में बाधा तथा नदियों और जलाशयों के जलस्तर में अचानक वृद्धि जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं.

8 सितंबर को इन जिलों के आसपास भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 8 सितंबर की सुबह से 9 सितंबर की सुबह तक चित्रकूट, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना अधिक बताई गई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के इन जिलों में बारिश होने पर निचले इलाकों और नदी तटीय क्षेत्रों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी होगी. नदियों, नालों और जलाशयों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका रहती है.

बाढ़ग्रस्त इलाकों में प्रशासन के सामने राहत की चुनौती
बलिया जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक समय पर राहत सामग्री पहुंचाने की है. ग्रामीणों को भोजन, राशन, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित स्थानों की जरूरत है. मौसम विभाग ने लोगों को निचले और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से दूर रहने, उफनती नदियों और मौसमी नालों के पास नहीं जाने तथा जलमग्न सड़कों और पुलों को पार करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. बलिया में गंगा अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और सरयू का जलस्तर भी बढ़ रहा है. दूसरी ओर आज और अगले 24 घंटों में कई इलाकों में बारिश की संभावना ने चिंता बढ़ा दी है.
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