राखी पर छलके मुख्यमंत्री योगी की बहन के आंसू, बोलीं- आखिरी बार कब बांधी थी याद नहीं, आज भी बेचती हैं चाय

Updated:
विज्ञापन

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और उनकी बहन शशि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बहन शशि आज भी उत्तराखंड के एक छोटे से गांव में चाय-नाश्ते की दुकान चलाती हैं. रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने की बात पर उनकी आंखें नम हो जाती हैं. जानिए उनके और योगी के रिश्ते की अनसुनी कहानी.

विज्ञापन

Yogi Aditya Nath Raksha Bandhan story : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज देश की राजनीति का बड़ा चेहरा हैं, लेकिन उनके परिवार से जुड़ी कई कहानियां भावुक कर देती हैं. उनकी सगी बहन शशि उत्तराखंड के कोठार गांव में चाय-नाश्ते, प्रसाद और शिकंजी की दुकान चलाती हैं. रक्षाबंधन के मौके पर जब उनसे भाई को राखी बांधने को लेकर सवाल पूछा गया, तो वह भावुक हो गई थीं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी बहन शशि से जुड़ी यह कहानी उनके पारिवारिक रिश्ते के एक अलग पहलू को सामने लाती है.

विज्ञापन

अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ तक का सफर

योगी आदित्यनाथ का बचपन का नाम अजय सिंह बिष्ट था. परिवार में वह अपने भाई-बहनों के साथ रहे और बहन शशि की शादी में भाई की जिम्मेदारी भी निभाई. समय के साथ उन्होंने संन्यास का रास्ता चुना. इसके बाद अजय सिंह बिष्ट, योगी आदित्यनाथ के नाम से जाने गए और गोरखपुर से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की. बाद में वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. सार्वजनिक जीवन में व्यस्तता और परिवार से दूरी के कारण भाई-बहन की मुलाकातें भी कम होती गईं.

आखिरी बार कब बांधी थी राखी? बहन को भी नहीं याद

राखी को लेकर शशि ने एक बातचीत में बताया था कि वह हर साल अपने भाई के लिए राखी भेजती हैं. हालांकि, उन्होंने कहा था कि उन्हें याद नहीं कि उन्होंने आखिरी बार अपने हाथों से भाई को कब राखी बांधी थी. शशि ने यह भी कहा था कि उन्हें नहीं पता कि वह अब अपने हाथों से महाराज को राखी कब बांध पाएंगी. भाई से जुड़ी पुरानी यादों का जिक्र करते हुए वह भावुक हो गई थीं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े थे. यह कहानी सिर्फ रक्षाबंधन की नहीं, बल्कि उस भाई-बहन के रिश्ते की भी है, जिसमें बचपन की यादें आज भी जुड़ी हुई हैं.

बहन की शादी में योगी ने निभाई थी भाई की जिम्मेदारी

शशि की शादी 5 मार्च 1991 को हुई थी. उनके मुताबिक, शादी के दौरान योगी आदित्यनाथ ने भाई के तौर पर कई रस्में निभाई थीं. शशि ने अपनी शादी से जुड़ी यादों को साझा करते हुए बताया था कि फेरों के समय खील-बताशे डालने सहित कई रस्मों में योगी मौजूद रहे थे. उन्होंने यह भी बताया था कि उनकी डोली योगी ने खुद उठाई थी. शादी के बाद भी दोनों के बीच संपर्क रहा. शशि के मुताबिक, जब योगी ऋषिकेश में पढ़ाई कर रहे थे, तब वह दिल्ली से पैदल भी उनके गांव तक आया करते थे. उस समय गांव तक सड़क नहीं बनी थी.

पहाड़ में आज भी चाय-नाश्ते की दुकान

योगी आदित्यनाथ की बहन शशि उत्तराखंड के कोठार गांव में रहती हैं. गांव से करीब ढाई किलोमीटर दूर पहाड़ पर पार्वती मंदिर के पास उनकी चाय-नाश्ते, प्रसाद और शिकंजी की दुकान है. शशि के मुताबिक, पहाड़ में खेती से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था. खेती को कई बार जानवर भी नुकसान पहुंचा देते थे. ऐसे में वर्ष 2010 में उन्होंने एक छोटी झोपड़ी में चाय-नाश्ते और प्रसाद की दुकान शुरू की. कोरोना लॉकडाउन के दौरान उन्होंने दुकान में खुद टीन लगाई. समय के साथ दुकान पहले से बेहतर हो गई. दुकान में उन्होंने अपने भाई योगी आदित्यनाथ की तस्वीर भी लगा रखी है.

बहन की तस्वीर देखकर योगी हुए थे भावुक

एक टीवी इंटरव्यू के दौरान जब योगी आदित्यनाथ के सामने उनकी बहन की तस्वीर दिखाई गई, तो वह भावुक हो गए थे. उनकी आंखों में आंसू आ गए और कुछ देर तक वह बोल नहीं पाए. जब शशि से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि महाराज जी को इतना भावुक नहीं होना चाहिए. उनके लिए दुकान पर काम करना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है. उनका कहना था कि छोटे गांव का जीवन ऐसा ही होता है और बिना काम किए परिवार का खर्च चलाना आसान नहीं है.

त्योहारों पर होती है परिवार से बातचीत

योगी के जीजा पूरन सिंह पायल ने भी एक बातचीत में परिवार की मुलाकातों के बारे में बताया था. उनके मुताबिक, वर्ष 2019 में ऋषिकेश में योगी से मुलाकात हुई थी और यह मुलाकात करीब 10 मिनट की रही थी. इसके बाद परिवार की मुलाकातें काफी कम हो गईं. हालांकि, त्योहारों के मौके पर शशि की योगी से फोन पर बातचीत हो जाती है. बताया गया था कि कई बार यह बातचीत सीधे नहीं, बल्कि उनके पीए के माध्यम से होती है.

राखी की डोर आज भी कायम

योगी आदित्यनाथ का जीवन अब पूरी तरह सार्वजनिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों से जुड़ा है. वहीं उनकी बहन शशि पहाड़ में अपनी छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का जीवन आगे बढ़ा रही हैं. रक्षाबंधन पर उनके हाथों से भाई की कलाई पर राखी भले ही लंबे समय से न बंधी हो, लेकिन शशि के लिए भाई के प्रति स्नेह और बचपन की यादें आज भी उतनी ही खास हैं.

Also Read : फर्जी वीजा ठगी से बचना है तो इन बातों का रखें ध्यान, जानें इमिग्रेशन और वीजा से जुड़े कानून


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola