UP Birth Certificate: 21 दिन निकल गए तो क्या करें? ऐसे कराएं Birth Registration, जानें Online आवेदन का पूरा नियम
जन्म प्रमाणपत्र: 21 दिन के अंदर कराएं पंजीकरण
UP Birth Certificate: उत्तर प्रदेश में बच्चे के जन्म के बाद 21 दिन के भीतर जन्म पंजीकरण कराना होता है. समयसीमा निकलने पर विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया अपनानी पड़ती है. जानें ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन का पूरा तरीका.
UP Birth Certificate: उत्तर प्रदेश में बच्चे के जन्म के बाद उसका जन्म पंजीकरण कराना जरूरी है. सामान्य तौर पर जन्म की घटना का पंजीकरण 21 दिनों के भीतर कराया जाता है. अगर इस अवधि के बाद पंजीकरण कराया जाता है, तो यह विलंबित जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया के तहत आता है. यूपी में जन्म पंजीकरण के लिए ऑनलाइन Civil Registration System (CRS) पोर्टल की सुविधा उपलब्ध है. इसके अलावा संबंधित स्थानीय निकाय या जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार के माध्यम से ऑफलाइन प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है.
21 दिन के अंदर कराएं जन्म पंजीकरण
जन्म के बाद 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर सामान्य प्रक्रिया के तहत जन्म दर्ज किया जाता है. अगर 21 दिन की अवधि निकल जाती है, तो पंजीकरण के लिए विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया अपनानी पड़ती है. इसलिए बच्चे के जन्म के बाद जल्द से जल्द जन्म पंजीकरण कराना बेहतर होता है.
यूपी में ऑनलाइन ऐसे करें आवेदन
उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन जन्म पंजीकरण के लिए आधिकारिक CRS पोर्टल पर जाना होगा. CRS की वेबसाइट पर Birth Registration की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है और उत्तर प्रदेश इस सुविधा के लिए सूचीबद्ध राज्यों में शामिल है.
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया इस तरह समझें:
- CRS पोर्टल खोलें सबसे पहले आधिकारिक CRS Birth Registration Portal पर जाएं और Birth Registration से संबंधित विकल्प चुनें.
- रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करें पोर्टल पर मांगी गई जानकारी के अनुसार अपना रजिस्ट्रेशन या लॉगिन पूरा करें.
- जन्म से जुड़ी जानकारी भरें बच्चे की जन्मतिथि, जन्मस्थान और माता-पिता से जुड़ी आवश्यक जानकारी सावधानी से दर्ज करें.
- जानकारी की जांच करें आवेदन जमा करने से पहले नाम, जन्मतिथि, जन्मस्थान और माता-पिता के विवरण को अच्छी तरह जांच लें. दर्ज की गई जानकारी में गलती होने पर आगे दस्तावेजों में परेशानी हो सकती है.
- आवेदन जमा करें सभी जानकारी पूरी होने के बाद आवेदन सबमिट करें और मिलने वाले आवेदन या रेफरेंस नंबर को सुरक्षित रखें. आगे आवेदन से जुड़ी जानकारी के लिए इसकी जरूरत पड़ सकती है.
ऑफलाइन भी करा सकते हैं जन्म पंजीकरण
ऑनलाइन आवेदन के अलावा संबंधित Birth & Death Registrar या स्थानीय निकाय के माध्यम से भी जन्म पंजीकरण कराया जा सकता है. शहरी क्षेत्रों में आवेदक अपने संबंधित नगर निकाय की जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था से संपर्क कर सकते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित स्थानीय पंजीकरण व्यवस्था के जरिए प्रक्रिया पूरी की जाती है. अस्पताल में जन्म होने की स्थिति में अस्पताल के जन्म संबंधी रिकॉर्ड भी पंजीकरण की प्रक्रिया में उपयोगी हो सकते हैं.
2023 से जन्म प्रमाणपत्र की अहमियत बढ़ी
1 अक्टूबर 2023 से लागू कानूनी बदलाव के बाद 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे लोगों के लिए कई कामों में जन्म प्रमाणपत्र को जन्मतिथि और जन्मस्थान के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. इनमें शैक्षणिक संस्थान में दाखिला, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता सूची, विवाह पंजीकरण, सरकारी नौकरी, पासपोर्ट और आधार नंबर से जुड़े काम शामिल हैं. इसलिए बच्चे के जन्म के बाद समय पर पंजीकरण कराना महत्वपूर्ण है. ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक CRS पोर्टल का ही इस्तेमाल करें. अगर 21 दिन की समयसीमा निकल गई है, तो संबंधित जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार से विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया और आवश्यकताओं की जानकारी लेकर आवेदन करें.
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