कौशांबी के CO ट्रैफिक की क्यों बढ़ी मुश्किल? 8 साल पुराने रेप केस में कोर्ट ने अचानक उठाया बड़ा कदम

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8 साल पुराने रेप केस में कोर्ट ने अचानक उठाया बड़ा कदम

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UP Crime: कौशांबी के सीओ ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी 8 साल पुराने रेप केस में गवाही के लिए अदालत में पेश नहीं हुए. कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है. उन्हें 10 सितंबर तक सरेंडर करना होगा.

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UP Crime: आठ साल पुराने रेप केस में गवाही के लिए बार-बार अदालत के बुलाने के बावजूद पेश नहीं होने पर कौशांबी के सीओ ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी मुश्किल में फंस गए हैं. वाराणसी की विशेष एससी/एसटी अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. कोर्ट ने उन्हें 10 सितंबर तक सरेंडर कर अदालत में पेश होने का आदेश दिया है. ऐसा नहीं करने पर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है. साथ ही अदालत ने उनकी सैलरी रोकने का भी आदेश दिया है.

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गवाही के लिए तीन बार मिला मौका, फिर भी नहीं पहुंचे

मामला वर्ष 2018 का है. वाराणसी के भेलूपुर थाने में तौफीक आलम के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 के तहत मामला दर्ज हुआ था. उस समय सत्येंद्र प्रसाद तिवारी भेलूपुर के सीओ और इस मामले के विवेचक थे. मुकदमे की सुनवाई के दौरान उनकी गवाही महत्वपूर्ण थी, लेकिन वह निर्धारित तारीखों पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए. अदालत के आदेश के मुताबिक, विवेचक को पहली बार 13 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये गवाही के लिए बुलाया गया था. वह तिरंगा यात्रा का हवाला देते हुए उपस्थित नहीं हुए. इसके बाद 24 अगस्त को दूसरा मौका दिया गया, लेकिन उस दिन भी वह कोर्ट में नहीं पहुंचे. फिर 1 सितंबर 2026 को गवाही के लिए तारीख तय हुई, लेकिन इस बार भी उनकी उपस्थिति नहीं हुई. लगातार अनुपस्थिति को अदालत ने गंभीरता से लिया.

कोर्ट ने माना- जानबूझकर नहीं हो रहे पेश

लगातार तीन मौकों के बावजूद गवाही के लिए नहीं पहुंचने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया. रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने माना कि संबंधित गवाह जानबूझकर अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हो रहा है. इसके बाद सत्येंद्र प्रसाद तिवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उन्हें अदालत में पेश करने का आदेश दिया गया.

10 सितंबर तक सरेंडर नहीं किया तो गिरफ्तारी

मामले से जुड़े अधिवक्ता अभिषेक दूबे के अनुसार अदालत ने सत्येंद्र तिवारी का वेतन रोकने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने 10 सितंबर तक सरेंडर करने का मौका दिया है. निर्धारित समय तक अदालत में पेश नहीं होने की स्थिति में उन्हें गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया जा सकता है.

पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद भी रहे थे चर्चा में

कौशांबी के सीओ ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी हाल ही में एक अन्य वजह से भी चर्चा में आए थे. कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट के बाद उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को गले लगाकर सांत्वना देते नजर आए थे. इसके बाद उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना था.

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