प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन: नए TGT-PGT भर्ती के नियमों के खिलाफ आर-पार की जंग

Updated:
विज्ञापन

नए TGT-PGT भर्ती के नियमों के खिलाफ आर-पार की जंग

Prayagraj News: प्रयागराज में TGT-PGT अभ्यर्थियों ने नई भर्ती नियमावली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. परीक्षा पैटर्न और बीएड की अनिवार्यता से नाराज छात्रों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है.जानिए उनकी प्रमुख मांगें और आरोप.

विज्ञापन

Prayagraj TGT-PGT Protest: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित प्रसिद्ध पत्थर गिरजाघर के पास टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन अब अत्यंत उग्र रूप धारण कर चुका है. नए परीक्षा पैटर्न और गजट नियमों से असंतुष्ट प्रतियोगी छात्रों ने युवा मंच के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है. अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि विवादित 16 सितंबर के नए नियमों को तुरंत निरस्त कर 104 साल पुरानी पारदर्शी व्यवस्था के तहत ही वर्ष 2026 का नया विज्ञापन जारी किया जाए.

विज्ञापन

नए नियमों से प्रभावित लाखों युवाओं की समस्याएं और बीएड अनिवार्यता

युवा मंच के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि अचानक लागू की गई नई चयन शर्तों से प्रदेश भर के लगभग 7 लाख युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है. प्रवक्ता पद हेतु बिना बीएड योग्यता वाले अभ्यर्थियों को बाहर करने से संगीत, कला, कंप्यूटर तथा एकल विषय के छात्र सीधे प्रतिस्पर्धा से वंचित हो चुके हैं. इसके अतिरिक्त भर्ती आयोग द्वारा अचानक सामान्य अध्ययन, टीईटी तथा माइनस मार्किंग लागू करने के फैसले से प्रतियोगी छात्र अत्यधिक आक्रोशित हैं.

TGT PGT 2026 : 23,775 पदों पर पुरानी नियमावली से भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन, प्रतियोगी छात्र CM को खून से पत्र लिखेंगे - tgt pgt 2026 students protested for 23775

परीक्षा प्रक्रिया में अनिश्चितता और अभ्यर्थियों के गंभीर आरोप

आंदोलनकारी छात्राओं ने भर्ती आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिह्न खड़े करते हुए कहा कि पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं नियमित आयोजित होती हैं, परंतु शिक्षक भर्तियां वर्षों तक लंबित रखी जाती हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2022 की पुरानी भर्ती प्रक्रिया को खींचकर 2026 तक लाया गया और अब मुख्य परीक्षा से ठीक तीन महीने पूर्व अचानक पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव कर दिया गया. इतने कम समय में नया पाठ्यक्रम पूरा करना किसी भी छात्र के लिए व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है.

Prayagraj TGT-PGT Protest | Candidates Demand Old Recruitment Rules

उच्च शिक्षण योग्यता का सवाल और अनशन जारी रखने का संकल्प

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का तर्क है कि जो अभ्यर्थी नेट और जेआरएफ जैसी राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षाएं पास कर डिग्री कॉलेजों में प्रोफेसर बनने की क्षमता रखते हैं, उन्हें 12वीं कक्षा में पढ़ाने हेतु अयोग्य ठहराना पूरी तरह से अनुचित है. अधिवक्ताओं और छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि प्रशासनिक वार्ताओं के बावजूद बिना किसी लिखित आश्वासन के यह अनशन समाप्त नहीं होगा. यदि शासन द्वारा पुरानी नियमावली बहाल नहीं की गई तो प्रतियोगी छात्र अपने अधिकारों के लिए इस जनांदोलन को और अधिक तेज करेंगे.

Must Read: सहारनपुर जाली नोट मामला: PNB चेस्ट की जांच में नेपाल व हरियाणा तक फैले तार, 36 घंटे की पड़ताल के बाद NIA और SIT का ताबड़तोड़ एक्शन

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola