प्रयागराज में आधी रात मंदिर का तीन मंजिला हिस्सा अचानक गड्ढे में समाया, हादसे से पहले आखिर क्या हो रहा था पीछे

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तीन-चार महीने से चल रहा था निर्माण कार्य

UP News: प्रयागराज के स्वामीनारायण मंदिर में एक बड़ा हादसा हुआ, जहां तीन मंजिला हिस्सा निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर गया. गनीमत रही कि हादसे के समय कोई वहां मौजूद नहीं था, जिससे किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.

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UP News: प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया. यहां स्थित स्वामीनारायण मंदिर का एक तीन मंजिला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया. मंदिर का यह हिस्सा पीछे निर्माण कार्य के लिए खोदे गए बड़े गड्ढे में जा गिरा. तेज आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए. राहत की बात यह रही कि हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

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तीन-चार महीने से चल रहा था निर्माण कार्य

जानकारी के मुताबिक, स्वामीनारायण मंदिर के पीछे पिछले तीन से चार महीने से निर्माण कार्य चल रहा था. निर्माण के लिए मंदिर परिसर के पीछे काफी गहरा और बड़ा गड्ढा खोदा गया था. लगातार बारिश के चलते इन दिनों निर्माण कार्य बंद था. बारिश के दौरान गड्ढे में पानी भरने की स्थिति भी बनी रही. आशंका जताई जा रही है कि पानी और मिट्टी खिसकने के कारण मंदिर के आसपास की जमीन कमजोर होती चली गई.

मिट्टी खिसकने से कमजोर हुई नींव की आशंका

प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में पानी भरने और मिट्टी खिसकने से मंदिर के पीछे की जमीन कमजोर हुई होगी. इसका असर मंदिर की नींव और संरचना पर पड़ा, जिसके बाद देर रात तीन मंजिला हिस्सा अचानक ढह गया. देखते ही देखते मंदिर का बड़ा हिस्सा गड्ढे में समा गया. हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.

सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची मौके पर

हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. इसके बाद जॉर्ज टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. प्रशासन की ओर से मंदिर की बची हुई संरचना और आसपास चल रहे निर्माण कार्य की सुरक्षा को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस और संबंधित विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ढांचा गिरने के पीछे केवल बारिश और मिट्टी धंसने की वजह थी या निर्माण कार्य से जुड़े अन्य कारण भी जिम्मेदार हैं.

अब बची संरचना की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती

मंदिर का हिस्सा गिरने के बाद आसपास की संरचना को लेकर भी चिंता बढ़ गई है. प्रशासन और संबंधित विभागों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मंदिर के बाकी हिस्से की संरचनात्मक स्थिति कितनी सुरक्षित है और निर्माण स्थल पर आगे किसी तरह का खतरा तो नहीं है. राहत की बात यह है कि हादसे में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है.

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