नोएडा में बसों पर कार्रवाई, यात्रियों पर आफत! 250 का किराया हुआ 500, बदल गए स्टॉप

Updated:
विज्ञापन

बसों पर कार्रवाई, यात्रियों पर आफत (AI)

नोएडा में निजी बसों के खिलाफ परिवहन विभाग की कार्रवाई का असर अब यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है. किराया दोगुना हो गया है और बस स्टॉपेज भी बदल गए हैं, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

विज्ञापन

Noida Transport Department : निजी बसों के खिलाफ परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई का असर अब यात्रियों की जेब पर भी पड़ने लगा है. ग्रेटर नोएडा के परी चौक से चली स्लीपर बस में किशोरी से गैंगरेप की घटना के बाद निजी बस संचालकों पर शिकंजा कसा जा रहा है. इसी बीच कई बस ऑपरेटरों ने अपने पुराने स्टॉपेज बदल दिए हैं. यात्रियों को अब पहले से अलग जगहों से बस पकड़ने के लिए कहा जा रहा है. इतना ही नहीं, कई रूट पर किराया भी दोगुने तक पहुंच गया है.

विज्ञापन

250 रुपये का सफर अब 500 रुपये तक

निजी बसों के किराये में अचानक हुई बढ़ोतरी ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा से देहरादून जाने वाली बस का किराया पहले करीब 250 रुपये था, जो अब 500 रुपये तक पहुंच गया है. इसी तरह नोएडा से लखनऊ का किराया 370 रुपये से बढ़कर करीब 600 रुपये हो गया है. नोएडा से मथुरा जाने के लिए पहले 208 रुपये चुकाने पड़ते थे, लेकिन अब यात्रियों से 600 रुपये तक लिए जा रहे हैं. वहीं, नोएडा से बनारस जाने वाली स्लीपर बस का किराया भी बढ़ा है. पहले इसका किराया करीब 1200 रुपये था, जो अब 1600 से 2500 रुपये तक पहुंच गया है.

स्टॉप बदले, यात्रियों की बढ़ी मुश्किल

कार्रवाई के बाद निजी बस संचालकों ने कई जगहों पर बसों के पुराने स्टॉप बदलने शुरू कर दिए हैं. जिन जगहों से यात्री पहले आसानी से बस पकड़ लेते थे, वहां अब बसें नहीं रुक रही हैं. यात्रियों को दूसरे स्थानों पर पहुंचकर बस पकड़ने के लिए कहा जा रहा है. इससे खासकर दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है. उन्हें बस तक पहुंचने के लिए ऑटो या कैब का सहारा लेना पड़ रहा है. ऐसे में बढ़े हुए बस किराये के साथ आने-जाने का अतिरिक्त खर्च भी उनकी जेब पर पड़ रहा है.

तीन बसें जब्त, पांच टीमें कर रहीं निगरानी

परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने निजी बसों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. गुरुवार को अभियान के दौरान तीन बसों को जब्त किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, निजी बसों की निगरानी और कार्रवाई के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं. कार्रवाई का मुख्य फोकस अवैध रूप से चल रही बसों और निर्धारित स्थान के बजाय सड़क किनारे यात्रियों को चढ़ाने-उतारने वाली बसों पर है. अधिकारियों का कहना है कि सड़क किनारे बसों के रुकने से यातायात प्रभावित होता है और कई बार जाम की स्थिति भी पैदा हो जाती है.

एक्सप्रेसवे पर बसों के स्टॉपेज भी हटेंगे

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और इससे जुड़े मार्गों पर सड़क किनारे बसों के रुकने की समस्या को देखते हुए परिवहन विभाग ने करीब 20 ट्रांसपोर्ट कंपनियों की बसों की जानकारी जुटाई है. इन बसों के बुकिंग ऐप पर दिखने वाले स्टॉपेज और ड्रॉप प्वाइंट की भी जांच की जा रही है. विभाग संबंधित कंपनियों को पत्र भेजकर ऐसे स्टॉपेज हटाने के लिए कहेगा, जहां सड़क किनारे बसें रोकने से यातायात प्रभावित होता है.

बुकिंग ऐप भी आएंगे कार्रवाई के दायरे में

ट्रैफिक पुलिस अब केवल बस संचालकों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखना चाहती. उन बुकिंग ऐप और ट्रैवल कंपनियों को भी पत्र भेजने की तैयारी है, जिनके प्लेटफॉर्म पर ऐसे स्टॉपेज की जानकारी दी जाती है जहां बसों का रुकना सुरक्षित नहीं है.अधिकारियों का मानना है कि यात्रियों को सुरक्षित तरीके से बस में चढ़ाने और उतारने के लिए निर्धारित स्थान होना जरूरी है. सड़क किनारे एक साथ कई बसों के रुकने से यातायात के साथ यात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता है.

कार्रवाई जरूरी, लेकिन यात्रियों को राहत कब?

निजी बसों के अवैध संचालन और सड़क किनारे बसें रोकने पर कार्रवाई को लेकर विभाग की अपनी दलील है. लेकिन इस कार्रवाई के बीच किराये में बढ़ोतरी और स्टॉपेज बदलने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है. अब जरूरत ऐसे वैकल्पिक बस स्टॉप तय करने की है, जहां यात्रियों को आसानी से बस मिल सके और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो. साथ ही किराये में मनमानी पर भी निगरानी जरूरी है, ताकि नियमों के खिलाफ कार्रवाई का बोझ सीधे यात्रियों की जेब पर न पड़े.

Also Read : वर्दी का सपना रह गया अधूरा, पुलिस लाइन में दौड़ते-दौड़ते 23 वर्षीय युवक की मौत, जाने पूरी खबर

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola