UP का शहरोज मुंबई में करने वाले था धमाका ,अंजाम देने से पहले ATS ने दबोचा

Updated:
विज्ञापन
ATS ने छापेमारी में युवक को पकड़ा

ATS ने छापेमारी में युवक को पकड़ा

UP News: उत्तर प्रदेश ATS की जांच में मुंबई में आतंकी हमले की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है. बलरामपुर के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टरों के संपर्क में था. जांच में पता चला है कि युवक हिंदूवादी नेताओं को निशाना बनाने और सांप्रदायिक दंगे भड़काने की योजना बना रहा था.

विज्ञापन

UP News: उत्तर प्रदेश एटीएस की जांच में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. जांच एजेंसी का दावा है कि बलरामपुर का रहने वाला एक युवक कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टरों के संपर्क में रहकर मुंबई में आतंकी हमले की साजिश रच रहा था. आरोप है कि हिंदूवादी नेताओं को निशाना बनाने, सांप्रदायिक तनाव फैलाने और ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियार मंगाने की पूरी योजना तैयार की जा रही थी. फिलहाल ATS डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है.

मुंबई में तैयार किया जा रहा था नेटवर्क, ATS का बड़ा दावा

ATS के मुताबिक शुरुआती पूछताछ और जांच में सामने आया है कि शहरोज ने मुंबई में अपना नेटवर्क खड़ा करना शुरू कर दिया था. एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य हिंदूवादी नेताओं और संगठनों को निशाना बनाना था. जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरी साजिश के जरिए सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही थी. फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े थे और इसकी पहुंच कितनी दूर तक थी.

ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टरों से संपर्क का आरोप

जांच के दौरान ATS ने दावा किया है कि शहरोज कथित तौर पर पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी और ISI से जुड़े बताए जा रहे एजेंट जसवीर चौधरी के संपर्क में था. एजेंसी के अनुसार, उसे लगातार निर्देश दिए जा रहे थे और उसी के आधार पर वह अपनी गतिविधियां आगे बढ़ा रहा था. इन दावों की पुष्टि के लिए एजेंसी डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है.

ड्रोन से हथियार मंगाने की थी कथित योजना

ATS के मुताबिक जांच में यह भी सामने आया है कि शहरोज को राजस्थान के श्रीगंगानगर जाने के लिए कहा गया था. एजेंसी का दावा है कि वहां पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक भेजे जाने की योजना थी. कथित प्लान यह था कि हथियार हासिल करने के बाद वह मुंबई लौटे और फिर उसे आगे के टारगेट और मिशन की जानकारी दी जाए. फिलहाल एजेंसी इस पूरे एंगल की भी विस्तार से जांच कर रही है.

ट्रायल फेज' में था आरोपी, आगे सौंपी जा सकती थी बड़ी जिम्मेदारी

ATS का कहना है कि शहरोज अभी कथित तौर पर नेटवर्क के 'ट्रायल फेज' में था. यानी उसकी वफादारी, गोपनीयता बनाए रखने की क्षमता और निर्देशों का पालन करने की जांच की जा रही थी. एजेंसी के अनुसार, अगर वह इस चरण में सफल रहता तो उसे भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में कथित स्लीपर सेल तैयार करने और नए लोगों को नेटवर्क से जोड़ने जैसी बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती थीं.

मोबाइल, चैट, बैंकिंग रिकॉर्ड और विदेशी संपर्कों की जांच जारी

पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए ATS आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच करा रही है. सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, कॉल डिटेल, फोटो, वीडियो, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल पेमेंट और विदेशी नंबरों से हुए संपर्कों की भी जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं आरोपी को विदेश से आर्थिक मदद तो नहीं मिल रही थी.

कई पहलुओं पर जांच जारी, पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी ATS

जांच एजेंसी अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि शहरोज का नेटवर्क कितना बड़ा था, उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे और इस कथित साजिश में और कौन-कौन शामिल हो सकता है. इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों के उसके यात्रा रिकॉर्ड और गतिविधियों की भी बारीकी से जांच की जा रही है. फिलहाल पूरा मामला ATS की जांच के दायरे में है और एजेंसी हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही है.

Also Read: क्या भारत की जमीन में आज भी दबा है खज़ाना? छतरपुर की खोज और उन्नाव के 1,000 टन सोने के दावे की पूरी कहानी


विज्ञापन
Lucky Kumari

लेखक के बारे में

By Lucky Kumari

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola