आसमान में चीख-पुकार, रनवे पर 180 डिग्री घूमा प्लेन, लखनऊ एयरपोर्ट पर हवा के झोंके में फंसी इंडिगो फ्लाइट
लखनऊ एयरपोर्ट पर हवा के झोंके में फंसी इंडिगो फ्लाइट
लखनऊ अमौसी एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट को लैंडिंग के दौरान तेज हवाओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा. रनवे पर आते ही विमान लगभग 180 डिग्री घूम गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सुरक्षित उतारा.
Lucknow Airport: लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर गुरुवार रात दिल्ली से आ रही इंडिगो की फ्लाइट को तेज तिरछी हवाओं के कारण लैंडिंग के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा. रनवे पर टच डाउन के समय विमान हवा के झोंके से हल्का लहरा गया. स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तुरंत विमान को दोबारा हवा में उठा लिया. अचानक हुए इस घटनाक्रम से विमान में सवार यात्री घबरा गए और कुछ यात्री चीख पड़े. आसमान में चक्कर लगाने के बाद विमान ने बाद में सुरक्षित लैंडिंग की.
टच डाउन के बाद 180 डिग्री तक घूमने का दावा
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 2151 रोजाना दिल्ली से शाम 7:33 बजे उड़ान भरकर रात 8:39 बजे लखनऊ पहुंचती है. गुरुवार को फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट से 7:35 बजे रवाना हुई और तय समय के आसपास रनवे तक पहुंच गई. इसी दौरान लैंडिंग के वक्त किनारे से आ रही तेज हवा बाधा बन गई. एक यात्री के मुताबिक, पहिए रनवे को छूने के तुरंत बाद विमान फिर ऊपर उठा और करीब 180 डिग्री तक घूम गया. इससे विंडो सीट पर बैठे दो यात्री डरकर चीख पड़े.
66.8 किलोमीटर का चक्कर लगाने के बाद सुरक्षित उतरा विमान
एटीसी सूत्रों के मुताबिक, दोबारा हवा में उठने के बाद विमान मोहान की ओर से होते हुए आसमान में करीब 66.8 किलोमीटर का चक्कर लगाने के बाद वापस आया. इसके बाद रात 9:31 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई. एटीसी के एक पूर्व अधिकारी के अनुसार क्रॉसविंड की स्थिति काफी खतरनाक हो सकती है और ऐसी स्थिति में छोटी सी चूक भी यात्रियों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है. पायलट द्वारा समय रहते लैंडिंग रोकने का फैसला लिया गया.
10 दिन में दूसरी बार आई ऐसी स्थिति
पिछले 10 दिनों में लखनऊ एयरपोर्ट पर तिरछी हवाओं के कारण लैंडिंग टालने की यह दूसरी घटना है. इससे पहले 8 सितंबर को एयर इंडिया के विमान को भी क्रॉसविंड के चलते दोबारा लैंडिंग करनी पड़ी थी. उस विमान में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी सवार थे. विमान रनवे के करीब पहुंच चुका था, लेकिन पायलट ने हवा की स्थिति को देखते हुए उसे ऊपर उठा लिया था. मौसम का आकलन करने और दो लंबे चक्कर लगाने के बाद विमान को दूसरे प्रयास में सुरक्षित उतारा गया था.
क्या होती है क्रॉसविंड?
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, जब लैंडिंग के समय हवा रनवे की दिशा में समानांतर न चलकर तिरछी दिशा से आती है, तो उसे क्रॉसविंड कहा जाता है. इससे विमान का संतुलन प्रभावित होने और रनवे से भटकने का खतरा बढ़ सकता है. ऐसी स्थिति में लैंडिंग को रोककर विमान को दोबारा हवा में ले जाना एक मानक सुरक्षा प्रक्रिया है, ताकि संभावित खतरे से बचा जा सके.
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