11 मौतों के बाद कौशांबी में एनकाउंटर, ब्लास्ट के मुख्य आरोपी नौशाद को लगी गोली, अब खुलेंगे कई राज

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ब्लास्ट केस में मुख्य आरोपी नौशाद का एनकाउंटर, पैर में लगी गोली

UP Crime News: कौशांबी की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है. हादसे में 11 लोगों की मौत के बाद मुख्य आरोपी नौशाद को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. इस घटना से जुड़े कई राज खुलने की उम्मीद है.

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UP Crime News: कौशांबी की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है. इस हादसे में 11 लोगों की मौत के बाद अब जांच के साथ आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है. ब्लास्ट केस के मुख्य आरोपियों में शामिल नौशाद को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद घायल अवस्था में उसे अस्पताल भेजा गया. घटना के बाद पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर भी कार्रवाई की गई है.

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तड़के चार बजे हुई पुलिस और नौशाद की मुठभेड़

पुलिस के मुताबिक, चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील गांव के पास नौशाद की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की. बताया गया कि सुबह करीब चार बजे पुलिस ने आरोपी को रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में नौशाद के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने उसके पास से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद करने का भी दावा किया है.

घायल आरोपी अस्पताल में भर्ती, ब्लास्ट की भूमिका की जांच

मुठभेड़ में घायल होने के बाद नौशाद को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस अब उससे पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट और वहां रखी गई विस्फोटक सामग्री को लेकर पूछताछ करेगी. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फैक्ट्री का संचालन किसकी देखरेख में हो रहा था और इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री वहां कैसे पहुंची. मामले में अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.

पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई, लापरवाही के आरोप में निलंबन

भीषण हादसे के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है. अवैध पटाखा फैक्ट्री और विस्फोटक सामग्री के संभावित भंडारण की जानकारी के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोपों पर अधिकारियों ने सख्त कदम उठाया है. पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह, चौकी प्रभारी चायल अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी मनीष पाल को लाइन हाजिर किया गया है. वहीं बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

सोमवार को धमाके से दहल उठा था मनौरी कस्बा

पिपरी थाना क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी कस्बे में सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में आग लगने के बाद जोरदार विस्फोट हुआ था. धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं. हादसे में बच्चों और महिलाओं समेत अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है. विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई देने की बात सामने आई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

छह लोगों के खिलाफ FIR, परिवार के कई सदस्य नामजद

इस मामले में पिपरी पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. FIR में नौशाद, शकील, आदिल, शबाना, कहकशा और शाइना को नामजद किया गया है. पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है. जांच का फोकस अब इस बात पर है कि फैक्ट्री का वास्तविक संचालन कौन कर रहा था और विस्फोटक सामग्री की खरीद, सप्लाई तथा भंडारण में किन लोगों की भूमिका थी.

फैक्ट्री के लाइसेंस और दस्तावेजों की भी हो रही जांच

जांच में सामने आया है कि नौशाद अपने बेटे आदिल के नाम से कथित तौर पर 'आदिल डीजे' के नाम पर पटाखा फैक्ट्री संचालित कर रहा था. स्थानीय स्तर पर फैक्ट्री के खिलाफ पहले कार्रवाई होने की भी चर्चा है. हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक फैक्ट्री के वैध या अवैध होने को लेकर स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. अब जांच में फैक्ट्री के लाइसेंस, विस्फोटक सामग्री के भंडारण की अनुमति और संबंधित दस्तावेजों को अहम साक्ष्य के रूप में खंगाला जा रहा है.

अवैध विस्फोटक के खिलाफ बुलडोजर एक्शन

हादसे के बाद प्रशासन ने घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. मनौरी कस्बे में एक मकान से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद उसे सुरक्षित तरीके से वाहनों में भरकर दूसरे स्थान पर पहुंचाया गया. इसके बाद प्रशासन ने संबंधित मकान पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन अब अवैध विस्फोटक कारोबार और उसके नेटवर्क पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में है.

ATS भी जांच में जुटी, विस्फोटक नेटवर्क की होगी पड़ताल

हादसे की भयावहता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है और ATS भी मामले की पड़ताल में जुट गई है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फैक्ट्री तक इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंची और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था. भंडारण के नियमों का पालन हुआ या नहीं, सामग्री कहां से खरीदी गई और किन लोगों ने इसमें मदद की, इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं. कौशांबी ब्लास्ट अब एक बड़े विस्फोटक नेटवर्क की जांच का केंद्र बन गया है.

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