नए सिम से सुब्रत को 6 कॉल, 309 बार बातचीत... कानपुर कारोबारी हत्याकांड में अब वसीयत से भी जुड़ी जांच
नए सिम से 6 कॉल, 309 बातचीत... कानपुर मर्डर केस में बढ़ा सस्पेंस
UP News: कानपुर के फार्मा कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड में नए राज सामने आ रहे हैं। जांच में पता चला है कि कथित शूटर विशाल गौतम ने हत्या से ठीक पहले कारोबारी के बेटे सुब्रत को 6 कॉल की थीं, और दोनों के बीच 309 बार बातचीत हुई थी। पुलिस इन संपर्कों की वजह खंगाल रही है।
UP News: कानपुर के फार्मास्युटिकल कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए सवाल सामने आ रहे हैं. पुलिस की जांच अब कारोबारी के बेटे सुब्रत से जुड़े कॉल रिकॉर्ड पर भी केंद्रित है. पुलिस के मुताबिक, कथित शूटर विशाल गौतम ने हत्या से दो दिन पहले नया सिम खरीदा था. इसी नंबर से सुब्रत को छह कॉल की गई थीं. वहीं, 1 मई से 5 सितंबर के बीच सुब्रत और विशाल के बीच करीब 309 बार बातचीत हुई. पुलिस अब इन संपर्कों की वजह और पूरी टाइमलाइन खंगाल रही है. हालांकि, सुब्रत की भूमिका अभी जांच का विषय है.
हत्या से दो दिन पहले खरीदा गया था नया सिम
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के मुताबिक, विशाल गौतम ने 3 सितंबर को नया सिम खरीदा था. इसके दो दिन बाद 5 सितंबर को विनीत मनोचा की हत्या हुई. पुलिस के अनुसार, इसी नए नंबर से विशाल ने शालू से भी बात की थी. जांच में अब सामने आया है कि इसी नंबर से सुब्रत को भी छह कॉल की गई थीं. यही कॉल पुलिस की जांच में अहम हो गई हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या से ठीक पहले खरीदे गए नए नंबर से सुब्रत से संपर्क क्यों किया गया था.
सात मोबाइल नंबरों की करीब 1,000 पन्नों की CDR
मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस ने सात मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) हासिल की है. ये रिकॉर्ड 1 मई से 6 सितंबर तक के हैं और करीब 1,000 पन्नों में हैं. पुलिस इन रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है. जांचकर्ताओं का फोकस इस बात पर है कि हत्या से पहले और बाद में कौन किसके संपर्क में था और कितनी देर तक बातचीत हुई. पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम अबिदी के मुताबिक, कॉल रिकॉर्ड का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है.
सुब्रत और विशाल के बीच 309 बार हुई बातचीत
पुलिस जांच में सामने आया है कि 1 मई से 5 सितंबर के बीच सुब्रत और विशाल के बीच करीब 309 बार बातचीत हुई थी. विशाल पहले विनीत मनोचा के यहां काम करता था. कथित चोरी के आरोप में उसे नौकरी से हटा दिया गया था. इसके बावजूद नौकरी जाने के बाद भी उसका सुब्रत से संपर्क बना रहा. अब पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच लगातार बातचीत किस वजह से होती थी और हत्या से पहले हुए संपर्क का क्या संदर्भ था.
जेल में शालू और विशाल से पूछे गए 30 से ज्यादा सवाल
अदालत की अनुमति के बाद कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव तिवारी ने मंगलवार को जेल में शालू और विशाल से पूछताछ की. दोनों से हत्या की कथित साजिश, आपसी बातचीत और वारदात से पहले की गतिविधियों को लेकर 30 से ज्यादा सवाल किए गए. पुलिस के मुताबिक, शालू ने हत्या की योजना बनाने से इनकार किया है. वहीं, विशाल ने पुलिस को बताया कि उसने शालू के कहने पर विनीत मनोचा की हत्या की थी. विशाल के अनुसार, शालू ने उसे छह लाख रुपये और नौकरी देने का वादा किया था. पुलिस अब दोनों के बयानों को दूसरे साक्ष्यों से मिलाकर देख रही है.
CCTV से भी मिलाए जा रहे आरोपियों के बयान
पुलिस आरोपियों के बयानों की जांच CCTV फुटेज के आधार पर भी कर रही है. खास तौर पर सुब्रत के उस बयान की पड़ताल की जा रही है, जिसमें उसने परिसर में दाखिल हुए व्यक्ति की पहचान विशाल के रूप में करने की बात कही थी. पुलिस अब CCTV, कॉल रिकॉर्ड और आरोपियों के बयानों को एक साथ रखकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है.
हत्या के बाद विशाल ने किसे फोन किया?
पुलिस हत्या के बाद विशाल की गतिविधियों की भी जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद विशाल ने अपने सहयोगी राज किशोर को पांच बार फोन किया था. इसके बाद वह Uber कैब से अपने ठिकाने तक गया. पुलिस कैब के रूट, ड्राइवर के बयान और डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है. इससे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि हत्या के बाद विशाल कहां गया और किन लोगों के संपर्क में रहा.
इंटरनेट सर्च को लेकर पुलिस ने रिपोर्ट को बताया अफवाह
जांच के दौरान ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि शालू ने इंटरनेट पर हत्या के तरीके खोजे थे. हालांकि, पुलिस आयुक्त ने इन दावों को अफवाह बताया है. पुलिस शालू के फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों की जांच जरूर कर रही है. वहीं, शालू के वकील शिवाकांत दीक्षित ने जब्त फोन को लेकर सवाल उठाए हैं. वकील का दावा है कि फोन से जुड़े Instagram अकाउंट पर 6 सितंबर की सुबह 10:03 बजे गतिविधि दिखाई गई थी. उन्होंने हत्या की रात सुब्रत के बैंक जाने से जुड़ी रिपोर्ट की भी जांच की मांग की है.
वसीयत में पत्नी, बेटे और बेटी के नाम
पुलिस अब विनीत मनोचा की संपत्तियों और आर्थिक मामलों की भी जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2022 में पंजीकृत वसीयत में मनोचा ने अपनी संपत्तियां पत्नी पुनीता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी के नाम की थीं. जांच में कानपुर और गाजियाबाद में संपत्तियों की जानकारी सामने आई है. इनमें बिरहाना रोड का फ्लैट और कैनाल रोड की संपत्ति भी शामिल है. पुलिस अब यह भी जांच रही है कि संपत्तियों के बंटवारे का हत्या के पीछे के संभावित कारणों से कोई संबंध था या नहीं.
सुब्रत की आर्थिक स्थिति भी जांच के दायरे में
पुलिस को सुब्रत पर कर्ज होने के संकेत भी मिले हैं. इसमें ऑनलाइन क्रेडिट और दूसरी देनदारियां शामिल होने की बात सामने आई है. हालांकि, इन आर्थिक पहलुओं का हत्या से कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह अभी जांच का विषय है. पुलिस अलग-अलग पहलुओं को जोड़कर पूरे मामले की तस्वीर साफ करने की कोशिश कर रही है.
5 सितंबर को हुई थी विनीत मनोचा की हत्या
60 वर्षीय विनीत मनोचा बिरहाना रोड पर अपने बेटे के साथ फार्मास्युटिकल फर्म चलाते थे. 5 सितंबर की तड़के उनकी चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. मामले में शालू, विशाल और राज किशोर जेल में हैं. अब नए सिम से सुब्रत को की गई छह कॉल और सुब्रत-विशाल के बीच हुई 309 बातचीत ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. पुलिस फिलहाल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, डिजिटल पेमेंट, Uber कैब से जुड़ी जानकारी, संपत्तियों और आरोपियों के बयानों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है. फिलहाल सुब्रत की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है और इसे लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है.
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