संत रविदास के सहारे दलित वोटों को रिझाने में जुटी भाजपा, वाराणसी की जन्मस्थली से देशभर भेजी जाएगी पवित्र मिट्टी

Updated:
विज्ञापन
संत शिरोमणि रविदास की जयंती राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की तैयारी

संत शिरोमणि रविदास की जयंती राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की तैयारी

UP Politics : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले, भाजपा ने संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का फैसला किया है. यह अभियान सामाजिक समरसता के संदेश के साथ-साथ दलित समुदाय के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति है.

विज्ञापन

UP Politics : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनावी तैयारियों के साथ सामाजिक समीकरण साधने की कवायद तेज कर दी है. युवाओं के आंदोलन, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और बदलते राजनीतिक माहौल के बीच भाजपा ने संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का फैसला किया है. पार्टी इसे सामाजिक समरसता और संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान बता रही है. हालांकि राजनीतिक जानकार इसे दलित समाज के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं.

गुरु पूर्णिमा से शुरू होगा अभियान, रविदास जयंती तक चलेगा कार्यक्रम

भाजपा का यह अभियान केवल एक दिन का आयोजन नहीं होगा. इसकी शुरुआत 29 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) से होगी और यह 20 फरवरी 2027 (माघी पूर्णिमा एवं संत रविदास जयंती) तक चलेगा. इस दौरान देशभर में संत रविदास के जीवन, उनके दर्शन और सामाजिक समानता के संदेश को पहुंचाने की योजना बनाई गई है. भाजपा का दावा है कि गांव-गांव और बस्तियों तक संत रविदास के विचारों को पहुंचाया जाएगा.

वाराणसी की जन्मस्थली से देशभर तक जाएगी पवित्र मिट्टी

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने वाराणसी में जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों की बैठक में अभियान की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 28 जुलाई को देशभर से 131 टोलियां संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर पहुंचेंगी. यहां से 131 कलशों में जन्मस्थली की मिट्टी एकत्र की जाएगी. 29 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संत समाज की मौजूदगी में कलश पूजन और आरती का आयोजन किया जाएगा. इसके बाद 30 जुलाई को ये कलश उत्तर प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों, देश के 27 राज्यों और छह संगठनात्मक जोन के लिए रवाना किए जाएंगे.

भाजपा का दावा- संत रविदास ने दिया समानता का संदेश

भाजपा नेता तरुण चुघ ने कहा कि संत रविदास किसी एक समाज या क्षेत्र तक सीमित नहीं थे. उन्होंने पूरी दुनिया को मानवता, समानता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन समाज में भेदभाव खत्म करने और सभी वर्गों को सम्मान दिलाने के लिए समर्पित रहा. इसलिए उनकी 650वीं जयंती को ऐतिहासिक स्तर पर मनाने का निर्णय लिया गया है.

दलित वोट बैंक पर भाजपा की नजर?

राजनीतिक गलियारों में भाजपा के इस अभियान को लेकर चर्चा तेज हो गई है. जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं. प्रदेश की बड़ी संख्या में विधानसभा सीटों पर अनुसूचित जाति का वोट चुनावी परिणामों को प्रभावित करता है. ऐसे में संत रविदास के नाम पर शुरू किया गया यह अभियान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

बसपा के आधार क्षेत्र में पैठ बढ़ाने की कोशिश

वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र कुमार के अनुसार भाजपा लंबे समय से बसपा के पारंपरिक वोट बैंक में अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रही है. उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा एक बार फिर दलित समाज के बीच संवाद बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है. संत रविदास के माध्यम से पार्टी सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत करना चाहती है, जिसका असर आने वाले चुनाव में दिखाई दे सकता है.

संतों की विरासत और राजनीति का पुराना रिश्ता

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर सदानंद शाही का कहना है कि भारतीय राजनीति में संतों और महापुरुषों की विरासत हमेशा से राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रही है. उनके अनुसार कोई भी राजनीतिक दल केवल आध्यात्मिक उद्देश्य से ऐसे आयोजनों से नहीं जुड़ता, बल्कि सामाजिक आधार को मजबूत करने के लिए भी इनका सहारा लिया जाता है.

2027 चुनाव से पहले भाजपा की सामाजिक रणनीति

संत रविदास की 650वीं जयंती को लेकर भाजपा का यह अभियान आने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पार्टी जहां इसे सामाजिक समरसता का संदेश बता रही है, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे दलित समाज तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं.

यह भी पढ़ें: यूपी के युवाओं के लिए खुशखबरी, 62 हजार सरकारी पदों पर नौकरी देने की तैयारी


विज्ञापन
Tilak Kumar

लेखक के बारे में

By Tilak Kumar

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola