अक्टूबर से वाराणसी की सड़कों पर दौड़ेगी 1000 भारत टैक्सी, इमरजेंसी हुई तो तत्काल पुलिस तक पहुंचेगी आवाज

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अक्टूबर से वाराणसी की सड़कों पर दौड़ेगी 1000 भारत टैक्सी (AI)

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वाराणसी में सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा मिलने वाली है. अक्टूबर से 1000 वाहनों के साथ भारत टैक्सी सेवा शुरू हो रही है. इसमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए SOS सुविधा और चालकों के लिए खास सुविधाएँ होंगी.

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Varanasi Bharat Taxi Service: वाराणसी शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी है. वाराणसी में अक्टूबर से भारत टैक्सी सेवा शुरू होने जा रही है. शुरुआती चरण में करीब 1000 वाहन सड़कों पर उतारे जाएंगे. इनमें बाइक, ऑटो और कैब शामिल होंगे. सहकार टैक्सी कॉरपोरेशन लिमिटेड के जरिये शुरू होने वाली इस सेवा का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने के साथ चालकों की आय को बेहतर करना भी है.

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किराये की पूरी रकम चालक के खाते में

भारत टैक्सी के सिटी हेड बृजेश कुमार मिश्रा के अनुसार, निजी कंपनियों में चालकों की कमाई का करीब 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के रूप में कट जाता है. इसके विपरीत भारत टैक्सी के मॉडल में चालकों से किसी तरह का कमीशन नहीं लिया जाएगा. चालक जितनी सवारी करेंगे, उसके किराये की पूरी राशि उन्हें मिलेगी. इससे चालकों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है.

इमरजेंसी में एक क्लिक पर पुलिस को अलर्ट

भारत टैक्सी में यात्रियों की सुरक्षा के लिए SOS सुविधा भी जोड़ी जा रही है. किसी आपात स्थिति में यात्री एप पर SOS बटन दबा सकेंगे. इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को तत्काल अलर्ट भेजे जाने की व्यवस्था होगी. कंपनी के कस्टमर केयर को भी इसकी सूचना मिलेगी, ताकि यात्री को तुरंत सहायता उपलब्ध करायी जा सके.

चालक और यात्री दोनों की शिकायतों का होगा समाधान

एप के माध्यम से चालक और यात्री दोनों अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. कंपनी की ओर से शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है. यदि किसी यात्री को चालक का व्यवहार अनुचित लगता है, तो शिकायत के आधार पर चालक को भविष्य के लिए ‘ब्लैकमार्क’ भी किया जा सकेगा. इसके अलावा भारत टैक्सी से महिला चालकों को जोड़ने की भी तैयारी है.

सहकारी मॉडल पर आधारित होगी सेवा

भारत टैक्सी की एक खास बात इसका सहकारी मॉडल है. इसमें केवल गिग वर्कर के रूप में काम करने तक सीमित रहने के बजाय चालकों को सहकारी संस्था का सदस्य बनने का अधिकार दिया गया है. चालक संस्था के शेयर खरीदकर उसमें प्रत्यक्ष हिस्सेदार बन सकेंगे. यानी सेवा से जुड़ने वाले चालक संस्था के स्वामित्व में भी भागीदारी कर सकेंगे.

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