बरेली में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, सोशल मीडिया पर ‘शुगर खत्म’ का देते थे झांसा, 3 शातिर गिरफ्तार

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बरेली फर्जी कॉल सेंटर से तीन आरोपी गिरफ्तार

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बरेली पुलिस ने एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है जो सोशल मीडिया पर '3 दिन में शुगर खत्म' करने का झूठा दावा कर लोगों को ठग रहा था. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों का सामान बरामद किया है.

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UP Crime News: बरेली पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जो सोशल मीडिया पर ‘शुगर खत्म’ करने का झांसा देकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते थे. डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी को महज तीन दिन में जड़ से खत्म करने का दावा कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले अंतर्राज्यीय नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने सैलानी इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरोह के दो कथित सरगना अभी फरार हैं. पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में अप्रमाणिक पाउडर, मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी बिल और अन्य सामान बरामद किया है.

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सोशल मीडिया पर देते थे ‘3 दिन में शुगर खत्म’ का झांसा

एएसपी/सीओ सिटी थर्ड शिवम आशुतोष के मुताबिक, गिरोह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भ्रामक विज्ञापन चलाता था. विज्ञापनों में ‘मात्र 3 दिन में डायबिटीज जड़ से खत्म’ करने का दावा किया जाता था. ऐसे दावों के जरिए लोगों को झांसे में लेकर उनसे संपर्क किया जाता था.

फर्जी वेबसाइट बनाकर खुद को बताते थे हर्बल कंपनी

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने Shopify पर एक फर्जी पोर्टल तैयार किया था. इस पोर्टल पर खुद को उत्तराखंड के अल्मोड़ा की एक हर्बल कंपनी के तौर पर पेश किया गया था. सोशल मीडिया विज्ञापन देखकर जब कोई व्यक्ति दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करता था, तो उसे कैश ऑन डिलीवरी के जरिए ‘Diabo Diabetic Powder’ और ‘Brahm Sugar Care’ नाम के पाउडर भेजे जाते थे.

दूसरी कंपनियों के नाम पर बनाते थे फर्जी बिल

पुलिस की जांच में सामने आया कि कथित तौर पर पकड़े जाने से बचने के लिए गिरोह दूसरी कंपनियों के नाम से फर्जी बिल और शिपिंग स्लिप तैयार करता था. इस तरह ग्राहकों को भेजे जाने वाले उत्पादों की असली पहचान छिपाने की कोशिश की जाती थी.

सीबीगंज से सैलानी शिफ्ट किया था फर्जी कॉल सेंटर

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि साजिद मलिक ने अपने भाई रऊफ और रिजवान मियां के साथ मिलकर यह धंधा शुरू किया था. पुलिस के मुताबिक, प्रोडक्ट तैयार करने और पैकेट बनाने का काम रऊफ और रिजवान संभालते थे. पहले यह नेटवर्क सीबीगंज से संचालित हो रहा था. करीब एक महीने पहले पुलिस की नजर से बचने के लिए इसका सेटअप सैलानी इलाके में यादगार रेस्टोरेंट के पास किराए के मकान में शिफ्ट किया गया था.

तीन आरोपी गिरफ्तार, दो कथित सरगना फरार

पुलिस ने मौके से साजिद मलिक निवासी जादोपुर, भोजीपुरा, इस्लाम निवासी एजाजनगर गौटिया और मोहम्मद जफर निवासी पशुपति विहार को गिरफ्तार किया है. वहीं, साजिद का भाई रऊफ और रिजवान मियां निवासी पूरनपुर, पीलीभीत फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है.

75 डिब्बे पाउडर और 14 मोबाइल समेत सामान बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 75 डिब्बे कथित नकली/अप्रमाणिक पाउडर, 14 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, दो चार्जर, फर्जी बिल, लेबल और वेबसाइट से जुड़ा डेटा बरामद किया है. पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके जरिए बेचे गए उत्पादों की भी जानकारी जुटा रही है.

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जनजीवन को खतरे में डालने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं.

रिपोर्ट : पवन तोमर

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