राम मंदिर में गुप्त दुश्मन! बृजभूषण सिंह ने नए CEO जितेंद्र मिश्रा को क्यों किया सतर्क, बोले- यहां हालात अलग
राम मंदिर के नए CEO को बृजभूषण की चेतावनी
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में सेवानिवृत्त वायु मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने अयोध्या में कार्यभार संभाल लिया है. भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने उन्हें बधाई देते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है.
Ayodhya Ram Mandir: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में सेवानिवृत्त वायु मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने अयोध्या में कार्यभार संभाल लिया है. गुरुवार को अयोध्या पहुंचने पर राम मंदिर परिसर में ट्रस्ट के सदस्यों ने उनका स्वागत किया. उन्होंने ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की. इसी बीच भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने जितेंद्र मिश्रा को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी. हालांकि, बधाई के साथ उन्होंने नए CEO को एक खास सलाह भी दी. बृजभूषण सिंह ने कहा कि अयोध्या की परिस्थितियां उनके पिछले कार्यक्षेत्र से अलग हैं और यहां उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत होगी.
ऑपरेशन सिंदूर में अच्छा काम किया, लेकिन यहां स्थिति अलग
बृजभूषण सिंह ने जितेंद्र मिश्रा के ऑपरेशन सिंदूर में योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने वहां अच्छा काम किया है. उन्होंने नए CEO को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अयोध्या में जिम्मेदारी अलग तरह की है. भाजपा नेता ने कहा कि यहां ‘छिपा हुआ दुश्मन’ है, इसलिए जितेंद्र मिश्रा को काफी सतर्क होकर काम करना होगा. उनके इस बयान के बाद अयोध्या में उनकी टिप्पणी को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है.
कौन हैं जितेंद्र मिश्रा?
सेवानिवृत्त वायु मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है. वायु सेना में लंबे समय तक सेवा देने के बाद वह इसी वर्ष करीब चार महीने पहले सेवानिवृत्त हुए हैं. जितेंद्र मिश्रा धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति बताए जाते हैं. उन्हें भगवान भोलेनाथ के प्रति विशेष आस्था है. वायु सेना में सेवा के दौरान भी वह नियमित रूप से पूजा-पाठ करते रहे हैं. अब राम मंदिर की व्यवस्थाओं और रामभक्तों की सुविधाओं से जुड़ी जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी.
दिल्ली में रहते हैं जितेंद्र मिश्रा
सेवानिवृत्ति के बाद जितेंद्र मिश्रा दिल्ली के मयूर विहार स्थित अपने आवास पर पत्नी वत्सला मिश्रा के साथ रह रहे थे. उनके दो बेटे कामकाज के सिलसिले में अलग-अलग शहरों में रहते हैं. उनकी माता सरस्वती देवी देवरिया स्थित गांव के साथ-साथ दिल्ली भी आती-जाती रहती हैं. वहीं उनके भाई देवेंद्र मिश्र इलाहाबाद हाई कोर्ट में अधिवक्ता हैं.
यह ईश्वरीय आदेश है, CEO बनने पर बोले जितेंद्र मिश्रा
नयी जिम्मेदारी मिलने के बाद जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का CEO बनना उनके लिए ईश्वरीय आदेश जैसा है. उन्होंने कहा कि वह ट्रस्ट के पदाधिकारियों से बातचीत कर जल्द अयोध्या पहुंचकर रामकाज में जुटेंगे. उन्होंने कहा कि उनका पूरा प्रयास रहेगा कि उनके किसी भी कार्य से किसी की धार्मिक आस्था या विश्वास को ठेस न पहुंचे.
रामभक्तों की सुविधाओं पर रहेगा जोर
जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर रामभक्तों की सेवा और सुविधा के लिए काम किया जाएगा. उनका प्रयास होगा कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को यथासंभव बेहतर सुविधाएं और व्यवस्थाएं मिलें. मंदिर परिसर में आने वाले भक्तों की सेवा-सत्कार और व्यवस्थाओं को लेकर भी वह लगातार संबंधित अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे.
राम मंदिर का CEO बनना सौभाग्य
जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर जैसे वैश्विक महत्व वाले धार्मिक स्थल का CEO बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि उन्हें इतनी सामर्थ्य मिले कि वह इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को अच्छे तरीके से निभा सकें. वहीं, बृजभूषण सिंह की ‘गुप्त दुश्मन’ वाली टिप्पणी ने नए CEO के सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा को जरूर तेज कर दिया है.
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