लोकल से ग्लोबल बनने का वक्त! आगरा के 65 हजार कारोबारियों के लिए खुला विदेश बाजार, अब तीन लाख तक का माल भेजना आसान… कागजी झंझट खत्म, बदले नियम
आगरा के कारोबारियों के लिए आसान हुआ विदेश में माल भेजना
आगरा के 65 हजार से अधिक सूक्ष्म विनिर्माण इकाइयों के लिए खुशखबरी है. ई-कॉमर्स निर्यात नियमों में बदलाव से अब वे 3 लाख रुपये तक के उत्पाद सीधे विदेश भेज सकेंगे. यह कदम छोटे कारोबारियों के लिए वैश्विक बाजार का रास्ता आसान करेगा.
Agra E-commerce Export Rules: आगरा में बने जूते, हैंडीक्राफ्ट, गारमेंट और दवाएं अब विदेशी ग्राहकों तक आसानी से पहुंच सकेंगी. ई-कॉमर्स निर्यात के नियमों में बदलाव से जिले की 65 हजार से अधिक सूक्ष्म विनिर्माण इकाइयों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का रास्ता आसान हुआ है. अब तीन लाख रुपये तक के उत्पाद डाक या कोरियर के जरिए सीधे विदेश भेजे जा सकेंगे. सबसे बड़ी राहत यह है कि छोटे कारोबारियों को पहले जैसी पंजीकरण और प्रमाणपत्र संबंधी जटिलताओं से नहीं गुजरना होगा.
65 हजार से ज्यादा इकाइयों को फायदा
एमएसएमई उद्यम पंजीकरण रिपोर्ट के अनुसार, आगरा में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कुल 66,459 इकाइयां पंजीकृत हैं. इनमें 65,592 सूक्ष्म, 798 लघु और 69 मध्यम इकाइयां शामिल हैं. नियमों में बदलाव से खास तौर पर सूक्ष्म और छोटे कारोबारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है. वे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी ग्राहकों तक अपने उत्पाद पहुंचा सकेंगे.
तीन लाख रुपये तक निर्यात की सुविधा
नए प्रावधान के तहत कारोबारी तीन लाख रुपये तक के उत्पाद डाकघर या कोरियर के माध्यम से विदेश भेज सकेंगे. जूते, मार्बल हैंडीक्राफ्ट, कपड़े, दवाएं और दूसरे उत्पाद बनाने वाले छोटे उद्यमों के लिए यह सुविधा अहम है. पहले पंजीकरण और कई प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी बाधा बनती थी.
डाक निर्यात केंद्र से भी बढ़ेगा कारोबार
मीडिया रिपोर्ट्स आगरा के प्रतापपुरा प्रधान डाकघर स्थित डाक निर्यात केंद्र से फिलहाल 15 से 20 निर्यातक और करीब 150 घरेलू कारोबारी जुड़े हैं. सीनियर पोस्ट मास्टर एसके जैन के अनुसार, तीन लाख रुपये तक के निर्यात की छूट मिलने से स्थानीय कारोबारियों के लिए विदेश में सामान भेजना आसान होगा. डाक के जरिए निर्यात की प्रक्रिया सरल होने से नए कारोबारी भी इस सुविधा से जुड़ सकते हैं.
सर्विस सेक्टर की भी बड़ी हिस्सेदारी
आगरा में मैन्युफैक्चरिंग के साथ सर्विस सेक्टर में भी बड़ी संख्या में एमएसएमई पंजीकृत हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां सर्विस सेक्टर की कुल 1,34,411 इकाइयां हैं. इनमें 1,33,034 सूक्ष्म, 1,275 लघु और 102 मध्यम उद्यम शामिल हैं. एमएसएमई के सहायक निदेशक अवधेश कुमार ने कहा कि सरल नियमों से जिले की सूक्ष्म और लघु इकाइयों को बिना ज्यादा औपचारिकता के वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा.
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