पहले से 7 बच्चे, फिर बाढ़ के बीच जुड़वा बेटियों की एंट्री, हरदोई में ‘गंगा-जमुना’ नाम ने खींचा सबका ध्यान, 11 लोगों का हुआ परिवार

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पहले से 7 बच्चे, फिर बाढ़ के बीच जुड़वा बेटियों की एंट्री

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UP Flood News: हरदोई जिले में बाढ़ के हालात के बीच एक मजदूर परिवार के लिए दोहरी खुशियाँ आई हैं. रिंकी देवी ने जुड़वा बेटियों को जन्म दिया, जिनका नाम बाढ़ के पानी के बीच 'गंगा' और 'जमुना' रखा गया. पहले से सात बच्चों वाले इस परिवार की जिम्मेदारियां अब नौ बच्चों की परवरिश की हो गई हैं.

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UP Flood News: हरदोई जिले में बाढ़ के संकट के बीच एक मजदूर परिवार के घर दोहरी खुशियां आईं. बिलग्राम तहसील के राइजिंगपुरवा गांव में रिंकी देवी ने जुड़वा बेटियों को जन्म दिया. घर और आसपास बाढ़ का पानी भरा होने के बावजूद परिवार ने नवजात बच्चियों के जन्म को खुशी और उम्मीद के तौर पर देखा. दोनों बेटियों का नाम गंगा और जमुना रखा गया.

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प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो नाव से अस्पताल पहुंचाया

रिंकी देवी को प्रसव पीड़ा शुरू होने के समय परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन्हें अस्पताल पहुंचाने की थी. बाढ़ के कारण रास्ते प्रभावित थे. परिवार किसी तरह रिंकी को नाव से राजघाट तक लेकर पहुंचा. इसके बाद उन्हें बिलग्राम सीएचसी ले जाया गया, जहां उन्होंने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया.

गंगा किनारे जन्मी बेटियां, इसलिए रखा गंगा-जमुना नाम

परिवार का कहना है कि गांव गंगा किनारे बसा है और बच्चियों का जन्म भी बाढ़ के बीच हुआ. इसी वजह से परिजनों ने दोनों बेटियों के नाम गंगा और जमुना रखे. परिवार ने बेटियों को लक्ष्मी का रूप मानते हुए उनके आने पर खुशी जताई. हालांकि, बाढ़ की मौजूदा स्थिति के बीच मां और नवजात बच्चियों की देखभाल को लेकर चिंता भी बनी हुई है.

पहले से हैं सात बच्चे, अब नौ बच्चों की जिम्मेदारी

महेंद्र मजदूरी करके अपने परिवार का खर्च चलाते हैं. उनके पहले से सात बच्चे हैं, जिनमें दीपांशी, अंशी, प्रिया, रिया, दिव्यांशी, राजा और कालू शामिल हैं. जुड़वा बेटियों के जन्म के बाद बच्चों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है. महेंद्र और रिंकी को मिलाकर परिवार में अब कुल 11 सदस्य हैं.

बाढ़ में झोपड़ी भी गिरी, रहने का संकट बढ़ा

परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से सीमित है और बाढ़ ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. बताया गया कि परिवार की झोपड़ी भी गिर चुकी है और आसपास पानी भरा हुआ है. ऐसे में एक ओर नवजात बेटियों के आने की खुशी है, तो दूसरी ओर परिवार के सामने रहने, भोजन और बच्चों की जरूरतें पूरी करने की चुनौती खड़ी हो गई है.

बाढ़ के बीच उम्मीद की नई कहानी

हरदोई के बाढ़ प्रभावित इलाके में गंगा और जमुना का जन्म परिवार के लिए मुश्किल हालात के बीच उम्मीद की किरण बनकर आया है. एक तरफ नौ बच्चों की परवरिश की बड़ी जिम्मेदारी है, तो दूसरी तरफ परिवार इन दोनों नवजात बेटियों को अपने लिए शुभ मान रहा है. फिलहाल परिवार को बाढ़ से राहत और मां-बच्चियों की सुरक्षित देखभाल की जरूरत है.

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