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राजस्थान में कोरोना से 17 मरे, संक्रमितों की संख्या 1229, गहलोत बोले : प्रवासी मजदूरों की समस्या गंभीर हुई

Updated at : 18 Apr 2020 9:04 AM (IST)
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राजस्थान में कोरोना से 17 मरे, संक्रमितों की संख्या 1229, गहलोत बोले : प्रवासी मजदूरों की समस्या गंभीर हुई

17 corona death in rajasthan 1229 infected gehlot says migrant laborers in serious trobule जयपुर : राजस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 1,229 हो गयी है, जिसमें 98 नये मामले शामिल हैं. कोरोना वायरस संक्रमण से दो और लोगों की मौत हो गयी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉकडाउन में आंशिक छूट की सराहना करते हुए कहा है कि बंदी की वजह से देश में प्रवासी मजदूरों की समस्या गंभीर हो गयी है.

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जयपुर : राजस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 1,229 हो गयी है, जिसमें 98 नये मामले शामिल हैं. कोरोना वायरस संक्रमण से दो और लोगों की मौत हो गयी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉकडाउन में आंशिक छूट की सराहना करते हुए कहा है कि बंदी की वजह से देश में प्रवासी मजदूरों की समस्या गंभीर हो गयी है.

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अधिकारियों का कहना है कोरोना वायरस से संक्रमित एक 56 वर्षीय व्यक्ति की जोधपुर में गुरुवार की आधी रात को और 22 वर्षीय एक युवक की शुक्रवार को मौत हो गयी. इससे राज्य में अब तक वायरस संक्रमित 17 लोगों की मौत हो चुकी है.

राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) रोहित कुमार सिंह ने बताया कि एमडीएम अस्पताल जोधपुर में भर्ती एक रोगी की बृहस्पतिवार देर रात मौत हो गयी. 56 साल का यह व्यक्ति 15 अप्रैल को संक्रमित पाया गया था. उसे हृदय संबंधी बीमारी भी थी.

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इस बीच, शुक्रवार को राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के 98 नये मामले सामने आये. इनमें जयपुर में 8, जोधपुर में 38, टोंक में 22, अजमेर में नौ, कोटा-नागौर में छह-छह, झुंझुनूं, झालावाड़ और दौसा में एक-एक मामला शामिल है. राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,229 हो गयी है.

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ साथ 60 वे लोग भी हैं, जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर व जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया है. राज्य भर में 22 मार्च से लॉकडाउन है और कम से कम 40 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है.

लॉकडाउन में आंशिक छूट बड़ा फैसला : गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि मौजूदा लॉकडाउन में 20 अप्रैल से आंशिक छूट देना बड़ा फैसला है. यह तभी कामयाब होगा, अगर इसे केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर लागू करें. गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संवाददाताओं से कहा कि 21 दिन के बाद 19 दिन का लॉकडाउन एक बहुत बड़ा समय होता है.

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उन्होंने कहा कि इसके खुलने से या आंशिक छूट से अन्य गतिविधियां शुरू होंगी, जिससे प्रवासी मजदूरों के साथ साथ घरों में बैठे अन्य लोगों में भी विश्वास पैदा होगा. इसका फायदा देश और राज्यों को मिलेगा. उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या प्रवासी मजदूरों की है और उनमें वापस घर लौटने को लेकर आक्रोश पैदा हो रहा है. उन्हें वापस लौटने की छूट एक बार देनी चाहिए.

प्रवासी मजदूरों की समस्या बहुत गंभीर हो गयी है

अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना के संक्रमण और लॉकडाउन के कारण देश में प्रवासी मजदूरों की समस्या बहुत गंभीर हो गयी है. चाहे मजदूर अपने राज्य में रह रहे हों या दूसरे राज्य में. उनका एक बार अपने घर जाना जरूरी है. ऐसे में 20 अप्रैल के बाद हो सकता है, भारत सरकार इसमें थोड़ी छूट दे दे. ऐसा होने से मजदूरों का टूटा मनोबल लौट सकेगा और वे अपने रोजगार पर वापस आने में सहूलियत महसूस करेंगे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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