जन्माष्टमी पर सीएम की सौगात : 41.35 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 833 करोड़ रुपये

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समारोह में मंचासीन मुख्यमंत्री मोहन माझी व अन्य.

ओडिशा सरकार ने जन्माष्टमी और नुआखाई से पहले किसानों को बड़ी सौगात दी है. सीएम-किसान योजना के तहत 41.35 लाख छोटे और सीमांत किसानों और 13,949 भूमिहीन कृषि परिवारों के खातों में ₹833 करोड़ से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है.

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भुवनेश्वर : पवित्र जन्माष्टमी और कृषि आधारित लोकपर्व ‘नुआखाई’ से पहले ओडिशा सरकार ने राज्य के किसानों को बड़ी सौगात दी है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को ओडिशा युनिवर्सिटी आफ एग्रिकलचलर एंड टेक्नोलॉजी (ओयूएटी) स्थित कृषि शिक्षा सदन में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के दौरान सीएम- किसान योजना की पांचवीं किस्त की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की. इस किस्त के तहत राज्य के 41,35,978 छोटे एवं सीमांत किसानों तथा 13,949 भूमिहीन कृषि परिवारों को डीबीटी के माध्यम से 833 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की गयी. सरकार के अनुसार, यह राशि वर्ष 2026-27 की रबी फसल से पहले किसानों के लिए बीज, उर्वरक और कीटनाशक सहित आवश्यक कृषि सामग्री खरीदने में सहायक होगी.

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सरकार किसानों और भूमिहीन परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि उनकी सरकार किसानों और भूमिहीन परिवारों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सीएम-किसान केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके श्रम को उचित सम्मान देना भी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान पंजीकरण की समयसीमा बढ़ाकर सात सितंबर कर दी गयी है. उन्होंने हाल में मयूरभंज, क्योंझर, बालेश्वर, भद्रक, केंद्रापड़ा और सुंदरगढ़ सहित कई जिलों में आयी बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के विशेष सहायता पैकेज की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राजस्व और कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों द्वारा नुकसान के आकलन के आधार पर प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जायेगा.

किसानों की आय दोगुनी करना प्रमुख लक्ष्यों में शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है और किसानों की वार्षिक आय को कम से कम दोगुना करना सरकार के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है. उन्होंने कहा कि केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय कृषि विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा. उन्होंने बताया कि ‘समृद्ध किसान योजना’ के तहत केंद्र सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य और राज्य सरकार की इनपुट सहायता को मिलाकर किसानों से धान 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है. किसानों को धान बिक्री के 48 घंटे के भीतर भुगतान उनके बैंक खातों में भेजा जा रहा है. खरीफ सीजन 2025-26 में 18.84 लाख किसानों से 77.48 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और इनपुट सब्सिडी के रूप में रिकॉर्ड 5,663.84 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. इसी तरह, रबी सीजन में 3.63 लाख किसानों को 1,494.89 करोड़ की सहायता दी गयी.

किसान परिवारों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति

मुख्यमंत्री ने ‘कृषि विद्यानीधि योजना’ का भी उल्लेख करते हुए बताया कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 68,910 लाभार्थियों के बच्चों को 291.60 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति प्रदान की गयी. उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अपनी भूमि संबंधी जानकारी के साथ ‘फार्मर्स रजिस्ट्री’ में पंजीकरण कराने की अपील की. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पशु पालन, मत्स्य पालन, श्री अन्न अभियान और राष्ट्रीय दलहन मिशन पर भी विशेष ध्यान दे रही है. पिछले वर्ष राज्य में 4,886 रुपये प्रति क्विंटल की एमएसपी पर 6.92 लाख क्विंटल रागी (मंडिया) की खरीद की गयी. उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री कृषि उद्यम योजना के तहत किसानों और कृषि उद्यमियों को एक करोड़ रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में राज्य के सभी किसान भाई-बहनों को आगामी कृषि-आधारित लोकपर्व ‘नुआखाई’ की अग्रिम शुभकामनाएं दीं.

बाढ़ प्रभावित किसानों को दी जायेगी सहायता

उपमुख्यमंत्री एवं कृषि एवं किसान सशक्तीकरण मंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने कहा कि सरकार के मंत्री और अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष दौरा कर स्थिति का जायजा ले चुके हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि बाढ़ प्रभावित किसानों को सरकार की ओर से सहायता दी जायेगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जायेगी. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि ओडिशा सरकार ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘असमय बारिश’ को आधिकारिक रूप से आपदा की सूची में शामिल किया है. कार्यक्रम में खुर्दा विधायक एवं जिला योजना बोर्ड के अध्यक्ष प्रशांत कुमार जगदेव, कृषि एवं किसान सशक्तीकरण विभाग के आयुक्त-सह-सचिव सचिन रामचंद्र यादव, कृषि एवं खाद्य उत्पादन निदेशक शुभम सक्सेना, उद्यान निदेशक कालुंगे गोरख वामन, ओयूएटी के कुलपति डॉ प्रभात कुमार राउल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

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