कल्कि अवतार में सजे महाप्रभु जगन्नाथ, मौसीबाड़ी में दिव्य दर्शन को उमड़ी आस्था की भीड़

कल्कि अवतार में सजे महाप्रभु जगन्नाथ | Prabhat Khabar Network
सरायकेला रथयात्रा के दौरान मौसीबाड़ी में महाप्रभु जगन्नाथ के अद्भुत कल्कि अवतार के दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भारी भीड़. जानें इस परंपरा का महत्व.
सरायकेला: ऐतिहासिक सरायकेला रथयात्रा महोत्सव के दौरान मौसीबाड़ी (गुंडिचा मंदिर) में विराजमान महाप्रभु श्रीजगन्नाथ मंगलवार को अपने अद्भुत एवं दुर्लभ कल्कि अवतार में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं. इस दिव्य वेश में भगवान जगन्नाथ काले घोड़े पर, बड़े भाई भगवान बलभद्र सफेद घोड़े पर तथा बहन देवी सुभद्रा के साथ विराजमान हैं. दोनों भाइयों के हाथों में सुशोभित तलवार अधर्म के विनाश और धर्म की पुनर्स्थापना का संदेश दे रही है. इस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही मौसीबाड़ी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. जगन्नाथ संस्कृति की प्रसिद्ध 'कांजी अभियान' परंपरा के अनुसार, कांची विजय के समय राजा पुरुषोत्तम देव की सहायता के लिए भगवान बलभद्र सफेद घोड़े और भगवान जगन्नाथ काले घोड़े पर सवार होकर युद्धभूमि पहुंचे थे. सरायकेला में उसी ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए प्रतिवर्ष महाप्रभु का यह विशेष कल्कि वेश सजाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान जगन्नाथ स्वयं महाविष्णु के स्वरूप हैं, जो कलियुग के अंत में कल्कि अवतार धारण कर अधर्म का विनाश और धर्म की स्थापना करेंगे. उनके हाथों की तलवार अज्ञान, अन्याय और पाप के अंत का प्रतीक है, जबकि घोड़े दिव्य शक्ति, पराक्रम और तीव्र गति के प्रतीक माने जाते हैं. इस वर्ष महाप्रभु की आकर्षक वेश सज्जा गुरु सुशांत महापात्र के मार्गदर्शन में पार्थ सारथी दास, उज्ज्वल सिंह, सुमित महापात्र, दीपेश रथ, अनुभव सतपथी, शुभम कर, कान्हू महापात्र एवं मुकेश साहू ने की. कलाकारों की मेहनत और पारंपरिक शिल्पकला ने महाप्रभु के स्वरूप को और भी अलौकिक बना दिया. सरायकेला की सदियों पुरानी यह अनूठी परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान भी है. महाप्रभु के इस दुर्लभ कल्कि अवतार के दर्शन के लिए दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










