आमदा में खादी पार्क तैयार, 13 को राज्यपाल करेंगी उद्घाटन खरसावां

Updated at : 09 Jan 2018 5:56 AM (IST)
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आमदा में खादी पार्क तैयार, 13 को राज्यपाल करेंगी उद्घाटन खरसावां

वृहद स्तर पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर मिलेगा रोजगार खरसावां : खरसावां के आमदा में देश का पहला खादी पार्क बन कर तैयार हो गया है. करीब चार करोड़ की लागत से निर्मित इस पार्क का उद्घाटन 13 जनवरी को राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू करेंगी. इसे लेकर खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारियों द्वारा तैयारी […]

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वृहद स्तर पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर मिलेगा रोजगार

खरसावां : खरसावां के आमदा में देश का पहला खादी पार्क बन कर तैयार हो गया है. करीब चार करोड़ की लागत से निर्मित इस पार्क का उद्घाटन 13 जनवरी को राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू करेंगी. इसे लेकर खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारियों द्वारा तैयारी शुरू कर दी गयी है. तैयारियों का जायजा लेने बोर्ड के अध्यक्ष संजय सेठ, सीइओ दीपांकर पंडा समेत अन्य अधिकारी मंगलवार को खरसावां पहुंचेंगे.
प्रारंभिक चरण में पांच सौ महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार : खादी पार्क परिसर में उत्पादन, प्रशिक्षण व प्रदर्शनी के लिए अलग-अलग हॉल बनाये गये हैं. खरसावां व कुचाई क्षेत्र में बडी संख्या में महिलाएं तसर उद्योग से जुड़ी हुई हैं.
यहां करीब तीन हजार महिलाओं को पूर्व में ही प्रशिक्षित किया जा चुका है. पार्क का ट्रायल रन कर लिया गया है. इस पार्क से प्रारंभिक चरण में करीब पांच सौ महिलाअों को स्वरोजगार मिलेगा.
पार्क में बनेगा गांधी संग्रहालय : खादी पार्क परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से गांधी संग्रहालय भी बनाया जायेगा. संग्रहालय में राष्ट्रपिता की प्रतिमा समेत उनसे संबंधित दुर्लभ तस्वीरों की प्रदर्शनी लगायी जायेगी.
कपड़ों के उत्पादन पर रहेगा फोकस
खादी पार्क में शुरुआती दौर में सुत कताई व कपड़ों के उत्पादन पर ध्यान और जोर रहेगा. पार्क में उत्पादन के साथ-साथ क्षेत्र की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर दक्ष भी बनाया जायेगा. पार्क में खादी व सिल्क कपड़ों का एक इंपोरियम भी बनाया गया है. जहां कपडों की प्रदर्शनी के साथ-साथ बिक्री होगी. यहां तसर कोसा से सुत कताई से लेकर कपडों की बुनाई, डिजाइनिंग व फिनीशिंग का कार्य होगा.
‘समृद्धि’ मशीनें घरों में लायेंगी समृद्धि
आमदा के खादी पार्क में शुरुआती दौर में करीब पांच से सात सौ महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा. प्रतिदिन 25 किलोग्राम तसर सुत का उत्पादन होगा. इसके बाद इसमें और अधिक वृद्धि की जायेगी. खादी पार्क में कोकून से सुत कताई के लिए दो सौ रीलिंग स्पीनिंग मशीन लगायी गयी हैं. सौर्य ऊर्जा से चलने वाली इन मशीनों का नाम भी समृद्धि रखा गया है. समृद्धि मशीनों से महिलाओं द्वारा घरों में समृद्धि लाने की बात कही जा रही है. इन दो सौ मशीनों पर दो सौ महिलाएं सूत कताई कर स्वोरजगार प्राप्त करेंगी. डेमोस्ट्रेशन के तौर पर फिलहाल 90 महिलाएं यहां कार्य कर रही हैं.
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