साहिबगंज में 42 बच्चों को मिलेगा बेहतर भविष्य का सहारा, हर माह ₹4 हजार की मदद

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बैठक करते डीसी | Prabhat Khabar Network

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साहिबगंज जिला प्रशासन ने आर्थिक रूप से कमजोर 42 बच्चों के लिए एक बड़ी पहल की है. स्पॉन्सरशिप योजना के तहत, प्रत्येक बच्चे को प्रतिमाह ₹4,000 की आर्थिक सहायता मिलेगी. इस पहल का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण में बेहतर भविष्य के अवसर प्रदान करना है.

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संवाददाता, साहिबगंज: आर्थिक परेशानी से जूझ रहे बच्चों के लिए साहिबगंज जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है. समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उपायुक्त दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में स्पॉन्सरशिप योजना को लेकर बैठक हुई. बैठक में भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 42 बच्चों को योजना का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी.

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अनुमोदित लाभुकों में 20 बालक और 22 बालिकाएं शामिल हैं. योजना के तहत प्रत्येक पात्र बच्चे को ₹4,000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी.

हर बच्चे को मिलेगी ₹4 हजार की मासिक सहायता

स्पॉन्सरशिप योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और समुचित देखभाल के लिए किया जाएगा.

नियमित आर्थिक सहायता से बच्चों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के साथ उनकी पढ़ाई जारी रखने में भी मदद मिलेगी. इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराना है.

भौतिक सत्यापन के बाद 42 बच्चों का हुआ चयन

बैठक में बाल कल्याण समिति से प्राप्त नव चयनित स्पॉन्सरशिप लाभुक बच्चों के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गयी. बच्चों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 42 पात्र बच्चों के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया गया.

प्रशासन की ओर से संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि चयनित बच्चों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए.

सहायता राशि के इस्तेमाल पर भी रहेगी नजर

उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाभुक बच्चों को दी जा रही सहायता राशि के समुचित उपयोग की नियमित निगरानी की जाए.

उन्होंने कहा कि राशि का इस्तेमाल बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और जरूरी देखभाल में किया जाना चाहिए. लाभुक बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार उन्हें अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया.

आर्थिक अभाव से बच्चों की पढ़ाई नहीं रुके

उपायुक्त ने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा और विकास प्रभावित नहीं होना चाहिए. बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ, संरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है.

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार की बाल संरक्षण एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जिले के सभी पात्र और जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाया जाए, ताकि उन्हें शिक्षा, पोषण, संरक्षण और विकास के समान अवसर मिल सकें.

सुरक्षित वातावरण में विकास है योजना का उद्देश्य

स्पॉन्सरशिप योजना का उद्देश्य जरूरतमंद एवं पात्र बच्चों को आर्थिक सहयोग देकर उन्हें परिवार और समुदाय के बीच सुरक्षित वातावरण में रहने, शिक्षा प्राप्त करने और समुचित विकास का अवसर उपलब्ध कराना है.

नियमित आर्थिक सहायता बच्चों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में मददगार होने के साथ उन्हें बाल संरक्षण से जुड़े जोखिमों से बचाने और उनके सर्वांगीण विकास की मजबूत आधारशिला तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

प्रशासन की प्राथमिकता में बाल संरक्षण

जिला प्रशासन की ओर से बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर लगातार जोर दिया जा रहा है. उद्देश्य है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण जिले का कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा, पोषण और जरूरी देखभाल से वंचित न रहे.

स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 42 बच्चों को मिलने वाली आर्थिक सहायता इसी दिशा में जिला प्रशासन की पहल को दर्शाती है.

बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पूनम कुमारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.

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