गंगा बढ़ी तो नाव बनी सहारा,नाविकों का 2 साल से अटका भुगतान; भुखमरी का दावा

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बाढ़ क्षेत्र में लगी नाव. | Prabhat Khabar Network

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गदाई दियारा क्षेत्र में बाढ़ राहत कार्य में लगे नाविकों को पिछले दो वर्षों से भुगतान नहीं मिला है, जिससे उनके सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है.

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प्रतिनिधि, मंगलहाट: गंगा नदी का जलस्तर बढ़ते ही गदाई दियारा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. चारों ओर नदियों से घिरे 14 टोलों में बाढ़ के दौरान लोगों के सामने आवागमन की बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है. ऐसे समय में नाव ही ग्रामीणों के लिए एकमात्र सहारा बनती है.

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लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाके में लोगों की जान बचाने और आवागमन जारी रखने के लिए नाव चलाने वाले नाविक खुद आर्थिक संकट से जूझने का दावा कर रहे हैं. नाविकों का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से सरकारी नाव चलाने की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है.

बाढ़ में नाव ही ग्रामीणों का एकमात्र सहारा

गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद गदाई दियारा क्षेत्र के कई टोले बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं. बाढ़ के दौरान लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई परिवार घर छोड़कर ऊंचे स्थानों, घरों की छतों और नावों पर शरण लेने को मजबूर हो जाते हैं.

इलाके में सड़क संपर्क प्रभावित होने के बाद लोगों के लिए नाव ही आवागमन का प्रमुख साधन रह जाती है. जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी नाव चलाने की अनुमति दी जाती है, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके.

दो साल से भुगतान नहीं मिलने का आरोप

गदाई दियारा क्षेत्र के नाविकों दिलीप महंतो, बंसीधर मंडल, सुमरि यादव, रामायण चौधरी, शिवनाथ चौधरी, राजन महतो, जगली महंतो, पुकार महंतो, फुलचंद मंगल और सुगरिम चौधरी समेत अन्य नाविकों का आरोप है कि 14 टोलों में सरकारी नाव चलाने के एवज में मिलने वाली राशि पिछले दो वर्षों से बकाया है.

नाविकों का कहना है कि जब पहले के काम की राशि का भुगतान ही नहीं हुआ है, तो वे लगातार नाव चलाने का खर्च कैसे उठा पाएंगे.

नाविक बोले- भुखमरी जैसी स्थिति

नाविकों ने बताया कि नाव चलाने में ईंधन, रखरखाव और अन्य खर्च होते हैं. लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

नाविकों का कहना है कि अगर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो उनके लिए सरकारी नाव चलाना मुश्किल हो जायेगा. इससे बाढ़ के दौरान ग्रामीणों के आवागमन और सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है.

सीओ बोले- जानकारी लेकर भुगतान की पहल होगी

राजमहल सीओ मो. यूसुफ ने कहा कि अगर नाविकों की राशि का भुगतान नहीं हुआ है, तो इसकी जानकारी ली जायेगी.

उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी लेने के बाद भुगतान की दिशा में आवश्यक पहल की जायेगी.

बाढ़ के बीच प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती

एक ओर गंगा का बढ़ता जलस्तर गदाई दियारा के ग्रामीणों के लिए चिंता बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी नाव चलाने वाले नाविकों की बकाया राशि का मामला सामने आया है.

ऐसे में प्रशासन के सामने बाढ़ प्रभावित 14 टोलों में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के साथ नाविकों की लंबित राशि के भुगतान की चुनौती भी है.

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