डाकघर में जमा पैसे डूबे
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Jul 2013 1:49 PM
– ऐसा भी होता है– रखवालों के पास ही गुम हुई अमानतजहां अमानत की रखवाली होती हो, वहीं से वह गुम हो जाये, तो इसे क्या कहा जायेगा? ऐसा ही कुछ हुआ है सरायकेला-खरसावां के राजनगर में और पश्चिमी सिंहभूम के गोइलकेरा में. राजनगर में डाक घर में जमा कराये गये लोगों के पैसों का […]
– ऐसा भी होता है
– रखवालों के पास ही गुम हुई अमानत
जहां अमानत की रखवाली होती हो, वहीं से वह गुम हो जाये, तो इसे क्या कहा जायेगा? ऐसा ही कुछ हुआ है सरायकेला-खरसावां के राजनगर में और पश्चिमी सिंहभूम के गोइलकेरा में. राजनगर में डाक घर में जमा कराये गये लोगों के पैसों का हिसाब-किताब ही गायब है.
चिटफंड और धोखेबाज संगठनों से लोग अब तक ठगे जाते रहे हैं, पर यहां सरकारी संगठन से लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. दूसरी तरफ गोइलकेरा में थाने के मालखाने में रखे लूट के बाद बरामद एक लाख चार हजार रुपये गायब हो गये हैं.
राजनगर : राजनगर प्रखंड क्षेत्र के गोविंदपुर डाकघर में बचत खाता, आरडी, फिक्स डिपॉजिट में लोगों ने लाखों रुपये जमा किये, थे जिनका अब कोई हिसाब-किताब नहीं है. डाक विभाग ने पल्ला झाड़ लिया है और लोगों के पैसे डूब गये हैं.
मामले का खुलासा तब हुआ जब लोग डाक घर में जमा राशि की मांग करने लगे. भुक्तभोगियों ने पासबुक, आरडी बुक की मांग भी की, पर कुछ नहीं मिला. भुक्तभोगियों ने बताया कि एक साल पहले जमा की गयी राशियों के घोटाले की शिकायत डाक विभाग के उच्चधिकारियों से की गयी थी.
तब यहां के डाकघर में संबंधित कागजात का निरीक्षण करने जीडीएसएमसी/एमडी ओवरसियर श्री चक्रवर्ती एवं एएसपी एस गोराई पहुंचे थे. उन्होंने सभी के पास बुक, आरडी बुक, फिक्स डिपॉजिट के कागजात आदि जांच के लिए ले लिये थे. जांच में क्या हुआ, यह किसी को नहीं पता, पर जो कागजात लिये गये थे, वे भी नहीं लौटाये गये और अब उससे संबंधित कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है.
कोई दस्तावेज ही नहीं
बताया जाता है कि गोविंदपुर डाक घर के वीपीएम महेंद्र कुमार के कार्यकाल में कई लोगों ने फिक्स डिपॉजिट, आरडी एवं बचत खाता में लाखों रुपये जमा किये थे. इस दौरान बीच में ही महेंद्र कुमार का स्थानांतरण हो गया.
जीडीएसएमसी/एमडी ओवरसियर श्री चक्रवर्ती एवं एएसपी एस गोराई निरीक्षण करने के एक साल पहले आये थे. उसी समय सभी का पासबुक, आरडी, फिक्स डिपॉजिट के सभी कागजात जांच करने हेतु लेकर गये. इसके बाद जर्माकर्ताओं को कोई जानकारी ही नहीं दी गयी.
इनके पैसे डूबे
सुबोल राय, गांव सोलगाड़िया 26,000 रुपये
करण मार्डी, गांव गोविंदपुर 20,000 रुपये
रामनाथ महापात्रो, गांव बड़ाखिरी 19,500 रुपये
सोमनाथ महापात्रो, गांव खिरी 3,300 रुपये
मलायकुमार पति, गांव बड़खिरी 4600 रुपये
साहदेव महापात्रो, गांव खिरी 11,000 रुपये
रतनाकर साहू, गांव गोपीनाथपुर 7,000 रुपये
पुलक कुमार पांडा, गांव खिरी 700 रुपये
नयान महाकुड़, गांव खिरी 800 रुपये
जाने आलम, गांव सोमापुर 6,000 रुपये
(इसके अलावा अन्य कई लोग भी इस सूची में शामिल हैं)
कोई जानकारी नहीं : पोस्ट मास्टर
इस संबंध में गोविंदपुर डाक घर के पोस्ट मास्टर तुषार मंडल ने बताया कि डाक घर में कितने रुपये जमा हैं, कब जमा किये गये, इसकी जानकारी नहीं है. जब से गोविंदपुर में हूं तब से अब तक का हिसाब दे सकता हूं. पहले क्या हुआ इस बारे में कुछ नहीं बता सकता.
15 दिन का अल्टीमेटम
इधर जर्माकर्ताओं ने 15 दिनों का अल्टीमेटम सिंहभूम डिवीजन के डाक अधीक्षक को दिया है. यदि 15 दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की गयी, तो डाक घर में किसी तरह का काम नहीं होने दिया जायेगा.
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