झारखंड में बिजली संकट का खतरा: तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन में बचा महज 5 दिनों का कोयला, कभी भी ठप हो सकता है उत्पादन

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तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन कोयले के गंभीर संकट से जूझ रहा है. केवल 5 दिनों का स्टॉक बचा है, जिससे बिजली उत्पादन कभी भी ठप हो सकता है.

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रांची. तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन (ललपनिया) में कोयले का संकट गहरा गया है. इससे राज्य में बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है. पावर प्लांट से प्रतिदिन औसतन 320 मेगावाट (MW) बिजली का उत्पादन होता है, लेकिन कोयले की भारी कमी के कारण कभी भी उत्पादन पूरी तरह ठप हो सकता है.

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तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (TVNL) प्रबंधन के अनुसार, प्लांट में अब महज पांच दिनों का कोयला स्टॉक बचा है, जबकि निर्बाध बिजली उत्पादन जारी रखने के लिए कम से कम 20 दिनों का बफर स्टॉक होना अनिवार्य है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तेनुघाट प्रबंधन ने राज्य सरकार और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) को पत्र भेजकर अविलंब कोयला आपूर्ति बढ़ाने की मांग की है.

मांग के मुकाबले आधी आपूर्ति

प्लांट की दोनों इकाइयों को पूरी क्षमता से चलाने के लिए प्रतिदिन दो रैक (लगभग 6 हजार टन) कोयले की आवश्यकता होती है. एक रैक में औसतन 3500 टन कोयला आता है. लेकिन वर्तमान में सीसीएल द्वारा तेनुघाट को दो रैक के बजाय केवल एक ही रैक कोयला उपलब्ध कराया जा रहा है.

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने आवश्यक 50 रैक के मुकाबले सीसीएल से महज 17 रैक कोयला ही मिल सका. सितंबर महीने में कई दिन ऐसे भी आए जब एक रैक कोयला भी नहीं पहुंचा, जिससे पुराना स्टॉक तेजी से घटता चला गया और अब संकट आपात स्थिति तक पहुंच गया है.

अगस्त में 91.72% ही हुआ उत्पादन

कोयले की इस किल्लत के पीछे खदानों में जलजमाव को मुख्य कारण बताया जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण सीसीएल की कई ओपनकास्ट (खुली) खदानों में पानी भर गया है, जिससे खनन कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस वर्ष अगस्त महीने में सीसीएल ने निर्धारित 6.07 मिलियन टन लक्ष्य के मुकाबले केवल 5.57 मिलियन टन कोयले का ही उत्पादन किया, जो कुल लक्ष्य का 91.72 प्रतिशत है.

कमोबेश यही स्थिति बीसीसीएल (BCCL) और ईसीएल (ECL) की भी है, जिसके चलते बिजली घरों को की जाने वाली कोयला आपूर्ति में कटौती करनी पड़ी है.

यदि जल्द कोयला नहीं मिला तो प्रभावित होगा बिजली उत्पादन: अनिल शर्मा, MD (TVNL)

मामले की गंभीरता की पुष्टि करते हुए TVNL के प्रबंध निदेशक (MD) अनिल शर्मा ने कहा कि सीसीएल से कोयले की आपूर्ति में आई कमी के कारण स्टॉक खतरनाक स्तर तक घट गया है. उन्होंने बताया, "हालिया बारिश की वजह से सीसीएल का उत्पादन प्रभावित होने की बात कही गई है. फिलहाल हमारे पास केवल पांच दिनों का स्टॉक शेष है.

अगर एक से दो दिनों के भीतर कोयले की आपूर्ति नहीं बढ़ाई गई, तो पावर प्लांट से बिजली उत्पादन ठप हो सकता है. हमने इस पूरी स्थिति से राज्य सरकार और सीसीएल के उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है."

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