झारखंड में बनेगा तीसरा मोर्चा, JMM और BJP दोनों के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे सूर्य सिंह बेसरा

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सूर्य सिंह बेसरा की फाइल फोटो

रांची में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली के बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है. पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने एक नया तीसरा मोर्चा बनाने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य युवाओं की अनदेखी को रोकना है.

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रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट

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रांची : झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी (JPSC-JSSC) परीक्षाओं में हुई धांधली के बाद राज्य की राजनीति गर्म है. राज्य के गठन के बाद से लगातार युवाओं अनदेखी होने से नाराज पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा सह 'झारखंड पीपल्स पार्टी' (JPP) के संरक्षक ने तीसरा मोर्चा बनाने का ऐलान कर दिया है. इस गठबंधन से झामुमो-कांग्रेस-राजद और बीजेपी-आजसू को दूर रखा जाएगा. सूर्य सिंह बेसरा ने ये घोषणा प्रभात खबर से खास बात चीत में की है.

'झारखंड समन्वय समिति' का पुनर्गठन, तीन दल आए साथ

प्रभात खबर से खास बातचीत में सूर्य सिंह बेसरा ने बताया कि डॉ. रामदयाल मुंडा व डॉ. बी. पी. केसरी के दौर के आंदोलन की तर्ज पर 'झारखंड समन्वय समिति' का पुनर्गठन किया जा रहा है. उन्होंने साफ किया कि इस गठबंधन में झारखंड पीपल्स पार्टी, भारत आदिवासी पार्टी और रामनरेश यादव के आम मोर्चा जैसे दल शामिल हो चुके हैं. इस मोर्चे में कम्युनिस्ट पार्टियों को भी आमंत्रित किया जाएगा, लेकिन उन्हें झामुमो-कांग्रेस गठबंधन और बीजेपी गठबंधन से दूरी बनाकर रखनी होगी.

जेपीएससी में हुई धांधली के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार : सूर्य सिंह बेसरा

जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) आंदोलनों का जिक्र करते हुए सूर्य सिंह बेसरा ने परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और नौकरियां बेचे जाने के आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राज्य के मुखिया होने के नाते इसकी सीधी जवाबदेही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बनती है. उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी (JPSC) चेयरमैन के पद से लेकर नौकरियों तक के लिए भारी लेनदेन हुआ है. उन्होंने राज्य की जांच एजेंसी सीआईडी (CID) जांच को खारिज करते हुए कहा कि 'बिल्ली को दूध का रखवाला नहीं बनाया जा सकता'.

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सीबीआई जांच और सुप्रीम कोर्ट की पीआईएल का दावा

सूर्य सिंह बेसरा ने दावा किया कि इस पूरे जेपीएससी (JPSC) घोटाले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) स्वीकार हो चुकी है, जिस पर 24 तारीख को सुनवाई होनी है. उन्होंने कहा कि वे राज्य सरकार से नहीं बल्कि सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग कर रहे हैं. बेसरा ने दावा किया कि सीबीआई जांच शुरू होते ही वे गवाह के तौर पर अदालत के समक्ष पुख्ता सबूत पेश करेंगे.

स्थानीय नीति और 31 तारीख के महाजुटान पर तंज

डोमिसाइल (स्थानीय) नीति पर सूर्य सिंह बेसरा ने कहा कि उन्होंने सभी 28 राज्यों के कानूनों का अध्ययन कर एक नया ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें केवल जमीन का खतियान ही नहीं, बल्कि भाषा, संस्कृति और सामाजिक परंपराओं को शामिल किया गया है. वहीं, 31 तारीख को बंधु तिर्की द्वारा बुलाए गए महाजुटान से खुद को किनारा कर लिया. उन्होंने कहा कि जो लोग खुद सरकार का हिस्सा हैं, वे एक तरफ छात्रों पर डंडे चलवा रहे हैं और दूसरी तरफ संवाद की नौटंकी कर रहे हैं.

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