RIMS में MBBS नामांकन से पहले अब प्रमाण पत्रों की होगी जांच, संदेह पर रोका जायेगा एडमिशन

Updated:
विज्ञापन

रांची का रिम्स संस्थान

RIMS ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन रोकने के लिए विशेष कमेटी का गठन किया है. नामांकन से पहले प्रमाण पत्रों की गहन जांच होगी. पिछले साल तीन छात्रों का नामांकन रद्द हुआ था.

विज्ञापन

रांची: एमबीबीएस में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों पर RIMS इस बार विशेष सतर्कता बरतेगा. नामांकन से पहले विद्यार्थियों के जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों की गहन जांच की जायेगी. इसके लिए RIMS प्रबंधन ने विशेष कमेटी का गठन किया है.

आपके शहर में

विज्ञापन

कमेटी में डीन, सब डीन के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे. यह कमेटी विद्यार्थियों के जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों की जांच करेगी. प्रमाण पत्र में किसी भी तरह का संदेह होने पर संबंधित विद्यार्थी का नामांकन तत्काल आगे नहीं बढ़ाया जायेगा. प्रमाण पत्रों की जांच पूरी होने और उनके सही पाये जाने के बाद ही विद्यार्थी का नामांकन किया जायेगा.

पिछले साल तीन विद्यार्थियों का नामांकन हुआ था रद्द

वर्ष 2025 बैच में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन लेने के तीन मामले सामने आये थे. इनमें दो एमबीबीएस विद्यार्थी काजल कुमारी और आशीष कुमार शामिल थे. वहीं, BDS की छात्रा ओली विश्वकर्मा का जाति प्रमाण पत्र भी जांच में फर्जी पाया गया था. प्रमाण पत्र फर्जी मिलने के बाद तीनों का नामांकन रद्द कर दिया गया था.

पिछले वर्ष के मामलों को देखते हुए RIMS प्रबंधन ने इस बार नामांकन प्रक्रिया में प्रमाण पत्रों की जांच को लेकर विशेष व्यवस्था की है. यदि किसी विद्यार्थी के प्रमाण पत्र पर संदेह होता है, तो उसके दस्तावेजों को एडमिशन कमेटी के समक्ष भेजा जायेगा.

ये भी पढ़ें: JPSC-JSSC Protest: HC ने रोक दिया परीक्षा रद्द करने का फैसला, दूसरी तरफ छात्रों का आक्रोश,आखिर समाधान कब? रांची से Ground Report

2025 बैच के सभी विद्यार्थियों के प्रमाण पत्रों की भी जांच

RIMS प्रबंधन एहतियात के तौर पर वर्ष 2025 बैच के सभी विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्रों की भी जांच करा रहा है. इसके लिए संबंधित प्रमाण पत्र उपायुक्तों के पास भेजे गये हैं, ताकि उनकी सत्यता की पुष्टि की जा सके.

JCECEB भी बरतेगा सतर्कता

RIMS समेत राज्य के कई मेडिकल कॉलेजों में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन के मामले सामने आने के बाद झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) भी नामांकन प्रक्रिया में सतर्कता बरतेगा. मेडिकल कॉलेजों में सीट आवंटित करने से पहले विद्यार्थियों के जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों की जांच की जायेगी. प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद ही विद्यार्थियों को संबंधित मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए भेजा जायेगा.

ये भी पढ़ें: School Holiday : इस सप्ताह 2 दिन बंद रहेंगे स्कूल, दफ्तर और बैंक में भी छुट्टी


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola