रांची के हिमांशु हरि को CAPF-25 में 66वां स्थान, पहले प्रयास में लहराया परचम
यूपीएससी के सीएपीएफ परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले रांची के हिमांशु हरि. फोटो: प्रभात खबर
रांची के युवा हिमांशु हरि ने CAPF परीक्षा-25 में 66वां स्थान हासिल कर सभी को गौरवान्वित किया है. उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है. जानें उनकी सफलता की कहानी.
Success Story: झारखंड की राजधानी रांची के युवा हिमांशु हरि ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल परीक्षा-2025 (CAPF-25) में शानदार सफलता हासिल की है. हिमांशु ने परीक्षा में 66वां स्थान प्राप्त किया है. खास बात यह है कि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यह उपलब्धि हासिल कर परिवार, शिक्षकों और रांची का नाम रोशन किया है.
रांची के DAV कडरू से पूरी की स्कूली शिक्षा
हिमांशु हरि ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रांची के डीएवी कडरू विद्यालय से पूरी की. उन्होंने विज्ञान विषय से प्लस-टू की पढ़ाई की. स्कूली शिक्षा के दौरान ही उन्होंने उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर मजबूत आधार तैयार किया. इसके बाद हिमांशु ने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की. उच्च शिक्षा के प्रति उनकी रुचि यहीं नहीं रुकी. उन्होंने मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) से डेवलपमेंट स्टडीज में परास्नातक की पढ़ाई पूरी की. अलग-अलग प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षा हासिल करने के दौरान उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव को लगातार विस्तार दिया.
कॉरपोरेट और रिसर्च क्षेत्र में भी किया काम
हिमांशु हरि को पढ़ाई के साथ-साथ पेशेवर क्षेत्र में काम करने का अनुभव भी रहा है. प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल करने से पहले उन्होंने कॉरपोरेट और रिसर्च क्षेत्र में काम किया. इस दौरान मिले व्यावहारिक अनुभव ने उनके व्यक्तित्व और कार्यक्षमता को मजबूत करने में भूमिका निभाई. CAPF परीक्षा में पहले ही प्रयास में 66वां स्थान हासिल करना उनके लिए विशेष उपलब्धि है. परीक्षा की चुनौतीपूर्ण प्रकृति को देखते हुए यह सफलता उनकी तैयारी, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
माता-पिता और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय
अपनी सफलता का श्रेय हिमांशु हरि ने माता-पिता के मार्गदर्शन, गुरुजनों की शिक्षा, परिवार के सहयोग और शुभचिंतकों को दिया है. उन्होंने माना कि किसी भी बड़ी सफलता के पीछे केवल व्यक्तिगत मेहनत ही नहीं, बल्कि परिवार और मार्गदर्शकों का निरंतर सहयोग भी महत्वपूर्ण होता है. हिमांशु के पिता अजीत कुमार रांची क्षेत्र में डीजीएमएस के अंतर्गत डीएमएस के पद पर कार्यरत हैं. उनकी माता उषा कुमार गृहिणी हैं. परिवार के सदस्यों ने हिमांशु की पढ़ाई और करियर को लेकर हमेशा उनका साथ दिया.
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पहले प्रयास की सफलता बनी खास उपलब्धि
CAPF परीक्षा में हिमांशु की सफलता इसलिए भी उल्लेखनीय है, क्योंकि उन्होंने पहली कोशिश में ही देशभर के अभ्यर्थियों के बीच 66वां स्थान हासिल किया. उनकी शैक्षणिक यात्रा में विज्ञान की पढ़ाई से लेकर डेवलपमेंट स्टडीज में परास्नातक और फिर कॉरपोरेट एवं रिसर्च क्षेत्र का अनुभव शामिल रहा है. हिमांशु की इस उपलब्धि से उनके परिवार और परिचितों में खुशी का माहौल है. रांची के युवा के रूप में उन्होंने प्रतिष्ठित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर यह संदेश भी दिया है कि सही दिशा में लगातार प्रयास और मजबूत लक्ष्य के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की जा सकती है. पहले ही प्रयास में मिली यह सफलता उनके आगे के करियर के लिए भी मजबूत शुरुआत मानी जा रही है.
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