Ranchi news : ऑटो व ई-रिक्शा के पहिये थमने से परेशान रहे लोग, एंबुलेंस व मालवाहक से किया सफर

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रूट निर्धारण के विरोध में दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे ऑटो व ई-रिक्शा चालक. कई यात्रियों को पैदल सफर करना पड़ा, तो कई यात्री दूसरे वाहनों से लिफ्ट लेते नजर आये.

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रांची. रूट निर्धारण के विरोध में ऑटो व ई-रिक्शा चालक बुधवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे. इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई. कई यात्रियों को पैदल सफर करना पड़ा. कई यात्री दूसरे वाहनों से लिफ्ट लेते नजर आये. लोगों ने एंबुलेंस, वैन व मालवाहक ऑटो से गंतव्य तक जाते दिखे. इधर, चालकों ने गुरुवार को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया. प्रदेश सीएनजी ऑटो चालक महासंघ के अध्यक्ष दिनेश सोनी, रांची जिला ऑटो चालक यूनियन के अध्यक्ष अर्जुन यादव और रांची जिला ई-रिक्शा चालक यूनियन के संरक्षक उत्तम यादव ने बैठक कर निर्णय लिया कि जब तक हमारी मांग नहीं मान जायेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.

विद्यार्थियों को भी हो रही परेशानी

ऑटो व ई-रिक्शा नहीं चलने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को हो रही है. अभिभावकों का कहना है कि ऑटो शहर की लाइफ लाइन है. इसे बंद हो जाने से काफी परेशानी हो रही है. अभिभावकों सिटी बसों की संख्या बढ़ाने की मांग की.

शहर की लाइफ लाइन है ऑटो : संघ

झारखंड यात्री संघ के अध्यक्ष प्रेम मित्तल ने ऑटो और ई रिक्शा की हड़ताल की वजह से यात्रियों को हो रही परेशानी पर चिंता जतायी है. उन्होंने कहा कि ऑटो शहर की लाइफ लाइन है. प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा यात्री ऑटो से सफर कर गंतव्य तक जाते हैं. प्रशासन को चाहिए कि ऑटो यूनियनों से वार्ता कर शीघ्र समस्या का समाधान करे. वहीं, यात्रियों की परेशानी को देखते हुए सिटी बसों का संचालन निर्बाध रूप से किया जाये.

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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