Ranchi news : माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य प्रमोद मिश्रा के कहने पर हुई थी नरेश भोक्ता की हत्या
Birsa Munda
एनआइए ने नरेश सिंह भोक्ता की हत्या के मामले में प्रमोद मिश्रा व अनिल यादव के खिलाफ दाखिल किया आरोपपत्र. अपहरण के बाद दो नवंबर 2018 को नरेश सिंह भोक्ता की हत्या कर दी गयी थी.
रांची. पुलिस मुखबिर होने के संदेह में माओवादी कैडरों ने आम नागरिक नरेश सिंह भोक्ता का अपहरण करने के बाद हत्या कर दी थी. इस मामले में नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) ने प्रतिबंधित संगठन सीपीआइ (माओवादी) के तत्कालीन केंद्रीय कमेटी मेंबर और बाद में पोलित ब्यूरो सदस्य बने प्रमोद मिश्रा व सब जोनल कमेटी के सदस्य अनिल यादव उर्फ अंकुश के खिलाफ चार्जशीट किया है. एजेंसी के मुताबिक प्रमोद मिश्रा ने संगठन के अन्य नक्सली कैडरों को नरेश सिंह भोक्ता को खत्म करने का निर्देश दिया था. इसमें अनिल यादव उर्फ अंकुश भी शामिल था.
प्रमोद मिश्रा ने अंजनवा के जंगल में बैठक बुलायी थी
प्रमोद मिश्रा ने अंजनवा के जंगल में प्रतिबंधित संगठन के जोनल कमांडरों, एसएसी और आरसीएम की बैठक बुलायी थी. इसी बैठक में नरेश सिंह भोक्ता सहित विभिन्न एसपीओ को खत्म करने का निर्णय लिया गया था. नरेश सिंह भोक्ता की अपहरण के बाद दो नवंबर 2018 को हत्या कर दी गयी थी. एनआइए द्वारा दाखिल चौथे पूरक आरोपपत्र के साथ ही मामले में आरोपी बनाये गये कुल आरोपियों की संख्या 11 हो गयी है. अनिल यादव उर्फ अंकुश उर्फ लवकुश बिहार के गया जिला का और प्रमोद मिश्रा उर्फ सोहन दा उर्फ बीबी औरंगाबाद जिले का रहने वाला था. दोनों कुख्यात नक्सली थे. इनके खिलाफ बिहार और झारखंड के विभिन्न पुलिस थानों में आइपीसी, आर्म्स एक्ट और यूए (पी) एक्ट के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. एनआइए ने फरवरी 2024 में दोनों को गिरफ्तार किया था.
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