अमृत भारत योजना से संवर रहे रांची मंडल के 15 स्टेशन, 132.5 करोड़ से हो रहा है कायाकल्प
अमृत भारत योजना: रांची मंडल के 15 स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प (AI Generated)
रांची रेल मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. 132.5 करोड़ की लागत से इन स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है, जिनमें यात्री सुविधाओं का विस्तार और आधारभूत संरचना को बेहतर बनाया जा रहा है.
रांची. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची रेल मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. इन स्टेशनों के विकास के लिए करीब 132.5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. योजना के तहत स्टेशन परिसर में यात्री सुविधाओं का विस्तार और आधारभूत संरचना को बेहतर बनाया जा रहा है.
आपके शहर में
रेलवे की रिपोर्ट के अनुसार, रांची मंडल के पिस्का, लोहरदगा, ओरगा, बानो, गोविंदपुर रोड, बालसरिंग, नामकुम, टाटीसिलवे, गंगाघाट, सिल्ली, मुरी, रामगढ़ कैंट, झालदा, सुईसा और तुलिन स्टेशनों का चयन किया गया है. इन स्टेशनों के विकास की स्वीकृति वर्ष 2023 में दी गई थी. योजना का उद्देश्य छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों को यात्रियों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक स्वरूप देना है.
मंडल के कुछ स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है, जबकि कई स्टेशनों पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है.
तीन स्टेशनों का काम पूरा, उद्घाटन भी हुआ
पिस्का, गोविंदपुर रोड और मुरी स्टेशन का काम पूरा हो चुका है. इन स्टेशनों की भौतिक प्रगति 100 प्रतिशत है, जबकि वित्तीय प्रगति 99 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है. रामगढ़ कैंट स्टेशन का काम भी 8.5 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है. लोहरदगा स्टेशन का 3.78 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य पूरा कर लिया गया है. वहीं, ओरगा स्टेशन का 8.37 करोड़, बानो का 10.17 करोड़ और बालसरिंग स्टेशन का 10.17 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा कार्य लगभग पूरा होने वाला है.
ये भी पढ़ें: Jharkhand Weather Forecast: बंगाल की खाड़ी में बन रहा लो प्रेशर, झारखंड में 3 सितंबर तक बारिश
2027 तक कई स्टेशनों का काम होगा पूरा
नामकुम स्टेशन का काम 3.78 करोड़ रुपये की लागत से 30 मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है. टाटीसिलवे स्टेशन पर 4.68 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसे 31 दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. सिल्ली स्टेशन का 8.5 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य 30 मई 2027 तक पूरा किया जाना है. झालदा स्टेशन का कार्य 8.63 करोड़ रुपये की लागत से 31 जुलाई 2027 तक, सुईसा स्टेशन का 10.43 करोड़ रुपये की लागत से सितंबर 2026 तक और तुलिन स्टेशन का 8.63 करोड़ रुपये की लागत से 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
ये भी पढ़ें: पहली ही बरसात में खुली 2.75 करोड़ के पुल-सड़क निर्माण की पोल, दीवारों में दरारें
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
योजना के तहत स्टेशनों पर आधुनिक प्रतीक्षालय व लाउंज, लिफ्ट और एस्केलेटर, बेहतर प्रवेश-निकास द्वार, स्वच्छ और आधुनिक शौचालय, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, चौड़े फुट ओवरब्रिज, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, सुव्यवस्थित पार्किंग और बेहतर सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किए जा रहे हैं. कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को स्टेशन पर अधिक सुविधाजनक और बेहतर यात्री अनुभव मिलेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए