मिड डे मील घोटाले के आरोपी संजय तिवारी के घर पर ईडी का छापा, गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद की कार्रवाई

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वारंट के लिए आवेदन देने के साथ ही इडी ने सीआरपीसी की धारा 340 के तहत कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की थी. इसमें संजय तिवारी द्वारा फर्जी दस्तावेज के आधार पर कोर्ट को धोखा देने का उल्लेख किया गया था.

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100 करोड़ के मिड डे मील घोटाले के आरोपी संजय तिवारी के अरगोड़ा स्थित आवास पर शनिवार को इडी ने छापा मारा, लेकिन वह नहीं मिला. उसके खिलाफ पीएमएलए कोर्ट द्वारा गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किये जाने के बाद इडी की टीम ने उक्त कार्रवाई की. उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर रखा है. इडी के अनुरोध पर पीएलएल कोर्ट ने 31 मार्च को ही उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था.

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वारंट के लिए आवेदन देने के साथ ही इडी ने सीआरपीसी की धारा 340 के तहत कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की थी. इसमें संजय तिवारी द्वारा फर्जी दस्तावेज के आधार पर कोर्ट को धोखा देने का उल्लेख किया गया था. इडी की ओर से दायर रिपोर्ट में कहा गया था कि अभियुक्त संपत्ति बेच कर बैंक का 16.35 करोड़ रुपये लौटाने के नाम पर सुप्रीम कोर्ट से दो दिनों की अंतरिम जमानत लेने में सफल रहा था. जांच में पाया गया कि उसने रांची स्थित जिस फ्लैट को 70 लाख में बेचकर पैसा जमा करने की बात कही थी, वह फ्लैट संजय तिवारी के बदले प्रवीण कुमार सिन्हा का है.

संजय तिवारी पर बरियातू थाना में केस दर्ज

रिम्स चिकित्सा अधीक्षक की शिकायत पर मिड डे मिल घोटाले के आरोपी संजय तिवारी पर फर्जी कोविड रिपोर्ट बनवाने के आरोप में बरियातू थाना में केस दर्ज लिया गया है. रिम्स अधीक्षक ने पुलिस को बताया है कि संजय तिवारी की ओर से रिम्स माइक्रोबायोलॉजी विभाग के नाम से फर्जी कोविड टेस्ट रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की गयी है. माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष ने भी रिपोर्ट को फर्जी बताया है. पुलिस संजय की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.

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