आतंकी मुठभेड़ में शहीद कुलदीप उरांव का पार्थिव शरीर पहुंचा साहिबगंज, राजकीय सम्मान के साथ होगी अंत्येष्टि
साहिबगंज : श्रीनगर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद कुलदीप उरांव (Martyr Kuldeep Oraon) का पार्थिव शरीर साहिबगंज (Sahibganj) पहुंचा. राजकीय सम्मान के साथ आज इनका अंतिम संस्कार जैप-9 परिसर के पास किया जायेगा. आपको बता दें कि शुक्रवार को रांची में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन्हें श्रद्धांजलि दी थी. 2 जुलाई की देर रात करीब 11 बजे श्रीनगर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में साहेबगंज निवासी कुलदीप उरांव शहीद हो गये थे. कुलदीप सीआरपीएफ की क्विक एक्शन टीम के सदस्य थे.
साहिबगंज : श्रीनगर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद कुलदीप उरांव (Martyr Kuldeep Oraon) का पार्थिव शरीर साहिबगंज (Sahibganj) पहुंचा. राजकीय सम्मान के साथ आज इनका अंतिम संस्कार जैप-9 परिसर के पास किया जायेगा. आपको बता दें कि शुक्रवार को रांची में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन्हें श्रद्धांजलि दी थी. 2 जुलाई की देर रात करीब 11 बजे श्रीनगर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में साहेबगंज निवासी कुलदीप उरांव शहीद हो गये थे. कुलदीप सीआरपीएफ की क्विक एक्शन टीम के सदस्य थे.
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श्रीनगर में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद कुलदीप का पार्थिव शरीर साहिबगंज पहुंचा. आज राजकीय सम्मान के साथ इनकी अंत्येष्टि जैप-9 परिसर के पास की जायेगी. साहिबगंज जिले का एक और लाल कुलदीप उरांव देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ. शहर के आजाद नगर जेल गेट के सामने वार्ड नम्बर 28 के वार्ड पार्षद घनश्याम उरांव के छोटे पुत्र कुलदीप उरांव (उम्र 38 वर्ष) श्रीनगर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गये. कुलदीप सीआरपीएफ की क्विक एक्शन टीम के सदस्य थे.
नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 28 के वार्ड ���ार्षद घनश्याम उरांव को अपने छोटे पुत्र कुलदीप उरांव की शहादत पर गर्व है. श्री उरांव ने कहा कि देश की रक्षा करते हुए मेरा लाल शहीद हुआ. अगर और भी पुत्र होता तो उसे भी देश की सेवा में भेजता. शहीद कुलदीप उरांव के पिता घनश्याम उरांव सीआरपीएफ से सेवानिवृत हुए हैं. सीआरपीएफ 190 बटालियन से पिता 2007 में रिटायर्ड हुए थे. रिटायर्ड होने के बाद और उक्त क्षेत्र में अच्छा व्यवहार के कारण 2017 में घनश्याम उरांव ने वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ा और विजयी हुए. पिता अभी वार्ड पार्षद हैं.
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Posted By : Guru Swarup Mishra
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