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जमीन माफिया ने एचइसी विस्थापितों के पुनर्वास के लिए अधिग्रहित की गयी जमीन बेच डाली, ऐसे हुआ मामले का खुलासा

जांच के दौरान राजस्व कर्मचारी ने अमीन द्वारा मापी कर दाखिल खारिज करने का प्रस्ताव दिये जाने की बात कही. हालांकि अमीन ने मापी और दाखिल खारिज का प्रस्ताव दिये जाने की बात से इनकार किया. जांच रिपोर्ट के बाद राजस्व कर्मचारी का तबादला सोनाहातू कर दिया गया. हालांकि 12 दिनों में ही इससे संबंधित आदेश को रद्द कर दिया गया. रांची जिला प्रशासन ने नामकुम अंचल में एचइसी और गैरमजरूआ जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित शिकायतों की जांच करायी.

By Prabhat Khabar Print Desk
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एचइसी विस्थापितों के पुनर्वास के लिए अधिग्रहित की गयी जमीन बेच डाली
एचइसी विस्थापितों के पुनर्वास के लिए अधिग्रहित की गयी जमीन बेच डाली
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HEC Land Scam In Ranchi रांची : जमीन माफिया ने एचइसी विस्थापितों के पुनर्वास के लिए अधिग्रहित जमीन भी बेच दी. सिर्फ इतना ही नहीं, नदी की जमीन को भी भर कर बेचा जा रहा है. रांची जिला प्रशासन द्वारा करायी गयी जांच में इस बात का पर्दाफाश हुआ है. इस पूरे प्रकरण में सबसे अजीब बात यह है कि जांच के दौरान नामकुम अंचल कार्यालय ने जमीन के अधिगृहित किये जाने के मामले में अनभिज्ञता जतायी है.

जांच के दौरान राजस्व कर्मचारी ने अमीन द्वारा मापी कर दाखिल खारिज करने का प्रस्ताव दिये जाने की बात कही. हालांकि अमीन ने मापी और दाखिल खारिज का प्रस्ताव दिये जाने की बात से इनकार किया. जांच रिपोर्ट के बाद राजस्व कर्मचारी का तबादला सोनाहातू कर दिया गया. हालांकि 12 दिनों में ही इससे संबंधित आदेश को रद्द कर दिया गया. रांची जिला प्रशासन ने नामकुम अंचल में एचइसी और गैरमजरूआ जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित शिकायतों की जांच करायी.

कार्यपालक दंडाधिकारी ने मामले की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी. रिपोर्ट में बताया गया कि नामकुम अंचल के (हल्का नंबर-चार) ग्राम हेसाग (थाना नंबर 247, खाता 133, प्लॉट नंबर-681) के 1.78 एकड़ जमीन का हाल के वर्षों में दाखिल खारिज किया गया है. अंचल निरीक्षक और अमीन के साथ स्थल निरीक्षण के दौरान जमीन पर लोगों का दखल कब्जा पाया गया.

पूछताछ के दौरान अंचल के अधिकारियों द्वारा यह कहा जा रहा है कि यह जमीन एचइसी के विस्थापितों के लिए अधिगृहित किये जाने की जानकारी कार्यालय को नहीं है. जांच रिपोर्ट में नदी की जमीन को भरने और प्लॉटिंग कर बेचे जाने का उल्लेख भी किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि नामकुम अंचल के ग्राम हेसाग (थाना 247, खाता 118,प्लॉट 91) के 4.88 एकड़ जमीन का हाल ही में दाखिल खारिज किया गया है.

इस मामले में खतियानी रकबा से ज्यादा जमीन की जमाबंदी कर दी गयी है. प्लॉट 91 के बगल में प्लॉट नंबर 93 नदी की जमीन है. इसे भर कर बेचा जा रहा है. हेसाग के बगल में ग्राम हेथू का प्लॉट नंबर 377 भी नदी की जमीन है. इसे भी भरा जा रहा है. ग्राम हेथू के गैरमजरूआ जमीन (खाता 347) के कुछ हिस्से को हेसाग की जमीन (प्लॉट नंबर-91) के साथ मिला कर बेचा जा रहा है. जांच के दौरान पूछे जाने पर राजस्व कर्मचारी ने कहा कि अमीन द्वारा जमीन की मापी के बाद दाखिल खारिज करने का प्रस्ताव दिया गया था.

हालांकि अमीन ने इससे इनकार किया. रिपोर्ट में ग्राम ओबरिया की (खाता 128, प्लॉट 770) की 20.30 एकड़ जमीन का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि यह सरकारी दस्तावेज के अनुसार गैरमजरूआ जमीन है. रजिस्टर-टू में 19 एकड़ की जमाबंदी होरोल्ड कच्छप के नाम है. हालांकि भुगतान का विकल्प बंद कर दिया गया है.

छह डिसमिल की जमाबंदी नंद किशोर राम नायक के नाम कायम है. हाल के दिनों में कोई दाखिल खारिज नहीं हुआ है. हालांकि स्थल निरीक्षण के दौरान जमीन पर नया निर्माण पाया गया. इस जांच रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए राजस्व कर्मचारी रवींद्र प्रसाद का तबादला सोनाहातू अंचल कर दिया गया. लेकिन 12 दिनों में ही इस आदेश को रद्द कर दिया गया.

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