‘करम केवल एक दिन का उत्सव नहीं’, आर्चबिशप विसेंट आईंद बोले- यह झारखंड की जीवंत परंपरा और सामूहिक स्मृति है

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आर्चबिशप विसेंट आईंद ने करम पर्व को झारखंड की जीवंत परंपरा और सामूहिक स्मृति बताया. यह पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान और भाईचारे का प्रतीक है.

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रांची. रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विसेंट आईंद ने करम पर्व के अवसर पर आदिवासी समाज के लोगों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि करम पर्व झारखंड की संस्कृति, प्रकृति के प्रति सम्मान, सामुदायिक जीवन, परिश्रम और भाई-बहनों के प्रेम की सुंदर अभिव्यक्ति है.

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आर्चबिशप ने कहा कि करम केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि सामूहिक स्मृति और जीवन पद्धति से जुड़ी जीवंत परंपरा है. भादो की एकादशी को मनाया जाने वाला यह पर्व कृषि और प्रकृति से गहराई से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि करम पर्व प्रकृति और मानव जीवन के बीच संबंध को भी दर्शाता है.

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार भी करम को राज्य के महत्वपूर्ण जनजातीय पर्व के रूप में मान्यता देती है.

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