महान गायक मुकेश को सर्वोच्च वन अधिकारी ने दी अनोखी श्रद्धांजलि, बनाया गानों और तस्वीरों का वेबसाइट

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महान गायक मुकेश की पुण्य तिथि पर वन अधिकारी संजीव कुमार ने एक विशेष वेबसाइट लॉन्च की है, जिसमें उनके 1000 से अधिक सदाबहार गीतों और दुर्लभ तस्वीरों का संग्रह है.

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रांची से मनोज सिंह की रिपोर्ट

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रांचीः भारतीय संगीत के स्वर्णिम दौर के महान गायक मुकेश चंद्र माथुर के करोड़ों प्रशंसक हैं. झारखंड के वन विभाग में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) के पद पर पदस्थापित संजीव कुमार भी मुकेश के बड़े प्रशंसकों में शामिल हैं. मुकेश की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्होंने अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन, संगीत और यादों को समर्पित एक वेबसाइट तैयार की है.

बचपन से मुकेश की आवाज के दीवाने हैं संजीव कुमार

संजीव कुमार बताते हैं कि वह बचपन से ही मुकेश की आवाज के दीवाने रहे हैं. उनके पास मुकेश के लगभग सभी गीतों का संग्रह है. उन्होंने इसी संग्रह और अपनी रुचि को डिजिटल रूप देते हुए वेबसाइट तैयार की है. उनका कहना है कि यह वेबसाइट केवल गीतों का संग्रह नहीं, बल्कि मुकेश की संगीत विरासत को संजोने और उसे दुनिया के साथ साझा करने का प्रयास है.

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संजीव कुमार की तस्वीर
संजीव कुमार की तस्वीर

एक हजार से अधिक गीत, वीडियो और दुर्लभ तस्वीरों का संग्रह

वेबसाइट पर मुकेश के जीवन से जुड़ी विस्तृत जानकारी, उनके गायन की प्रमुख उपलब्धियां और जीवन से जुड़े कई रोचक तथ्य उपलब्ध हैं. यहां मुकेश के एक हजार से अधिक गीतों का संग्रह किया गया है. इसमें ‘कभी-कभी मेरे दिल में’ और ‘ये मेरा दीवानापन है’ जैसे सदाबहार नगमे भी शामिल हैं. इसके अलावा मुकेश की दुर्लभ तस्वीरों, वीडियो और ऑडियो क्लिप का भी संग्रह है, जो उनके प्रशंसकों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है.

नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश

संजीव कुमार के अनुसार, वेबसाइट के माध्यम से उनका प्रयास मुकेश की अविस्मरणीय आवाज और उनके गीतों से जुड़ी यादों को नयी पीढ़ी तक पहुंचाना है. उनके गीतों ने लाखों लोगों के दिलों में जो भावनाएं और यादें पैदा की हैं, यह वेबसाइट उन्हें फिर से जीवंत करने का माध्यम बनेगी.

उन्होंने कहा कि यह वेबसाइट केवल एक डिजिटल संग्रह नहीं, बल्कि ऐसा मंच है जहां मुकेश के प्रशंसक उनके गीतों से जुड़ी यादें साझा कर सकते हैं और उनके संगीत पर चर्चा कर सकते हैं. मुकेश की आवाज और उनकी गायकी आज भी लोगों के दिलों में जीवित है. उनकी संगीत विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना ही इस प्रयास का उद्देश्य है.

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