'कुंदन पहान बनाएं या गोली मार दें': 'भर्ती सुधार यात्रा' में जयराम के जबरा फैन ने सरकार को घेरा
भर्ती सुधार यात्रा में शामिल बाहा लिंडा और सर्किल में उनकी शरीर पर लिखे शब्द
झारखंड के युवाओं का सालों का दर्द और गुस्सा अब सड़कों पर दिख रहा है. 'भर्ती सुधार यात्रा' के दौरान एक युवा ने सरकार से पूछा कि क्या वे युवाओं को नक्सली या आतंकवादी बनने पर मजबूर कर रहे हैं.
रांची से राज लक्ष्मी की रिपोर्ट
रांची: झारखंड के युवाओं का वर्षों से दबा दर्द, आक्रोश और बेरोजगारी का गुस्सा अब सड़कों पर गूंजने लगा है. प्रभात खबर की टीम ने जब छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की 'भर्ती सुधार यात्रा' को कवर करने पहुंचा तो वहां पर युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर था. उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि वे उन्हें नक्सली और आतंकवादी बनने पर क्यों मजबूर कर रही है. दरअसल जेएलकेएम के उपाध्यक्ष बीते कई दिनों से परीक्षा भर्ती सुधार यात्रा पर हैं. उन्होंने राज्य के सभी 24 जिलों का दौरा करते हुए शुक्रवार को राजधानी रांची पहुंचे और इस यात्रा का समापन किया. इस दौरान कार्यक्रम में एक ऐसे आदिवासी युवक पहुंचा जो विधायक जयराम महतो का जबरा फैन था. वह अपनी लुक्स से हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा था.
'क्या हमें आतंकवादी बनाना चाहती है सरकार?': छात्र बाहा लिंडा
जब देवेंद्र महतो की परीक्षा भर्ती सुधार यात्रा रांची पहुंचा तो उस प्रदर्शन में शामिल बाहा लिंडा नामक एक युवा का विरोध प्रदर्शन करने का अनोखा और आक्रामक अंदाज हर किसी का ध्यान खींच रहा था. उसने अपने शरीर पर एक तरफ 'नक्सली', 'कुंदन पहान' और आतंकवादी 'दाऊद इब्राहिम' जैसे नाम लिखा था. दूसरी तरफ 'जय झारखंड, जय युवा शक्ति' का नारा उकेरा हुआ था.
प्रदर्शनकारी युवाओं ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा
बाहा लिंडा ने प्रभात खबर से बात करते हुए कहा कि सालों की कड़ी मेहनत और पढ़ाई करने के बावजूद आज हमारा भविष्य पूरी तरह खतरे में आ गई है. हम सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे युवाओं को क्या दिशा देना चाहते हैं? क्या वे हमें देश का भविष्य बनाना चाहते हैं या कुंदन पहान जैसा नक्सली और दाऊद जैसा आतंकवादी बनने पर मजबूर करना चाहते हैं? सरकार स्थिति साफ कर दे ताकि सीधे सीने पर गोली लगे और मामला खत्म हो जाए." युवाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 26 वर्षों से प्रदेश में युवाओं के भविष्य का सौदा किया जा रहा है, लेकिन अब चुन-चुनकर इसका हिसाब लिया जाएगा.
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81 विधायकों में सिर्फ जयराम उठा रहे आवाज: प्रदर्शनकारी छात्र बाहा लिंडा
आंदोलनकारी छात्र बाहा लिंडा ने जेएलकेएम (JLKM) विधायक जयराम महतो का पुरजोर समर्थन करते हुए उन्हें अपना आदर्श बताया. उनका कहना था कि जयराम महतो खुद छात्र आंदोलन से निकलकर और युवाओं के मुद्दों पर लड़कर ही विधानसभा पहुंचे हैं. प्रदर्शनकारी छात्र के अनुसार, राज्य के कुल 81 विधायकों में केवल जयराम महतो ही ऐसे एकमात्र प्रतिनिधि हैं जो किसी भी तरह के प्रलोभन, धन-दौलत या बड़े नेताओं (जैसे नरेंद्र मोदी, हेमंत सोरेन या राहुल गांधी) के ऑफर की परवाह किए बिना गरीबों और छात्रों के लिए लड़ रहे हैं. इसके विपरीत, युवाओं ने बाकी 80 विधायकों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अन्य सभी जनप्रतिनिधि केवल अपना परिवार पालने, सुख-सुविधाएं जुटाने और राज्य का खून चूसने में लगे हैं. उस युवा ने यहां तक कहा कि बाकी विधायक निष्क्रिय हो चुके हैं, उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है और उन्हें चूड़ियां व साड़ी पहन लेनी चाहिए.
थाने में अभद्रता और राजसिंहासन डोलने की चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्र ने पुलिस प्रशासन पर भी सीधा आरोप लगाया कि जब आम नागरिक अपनी समस्याएं लेकर थाने पहुंचते हैं, तो अधिकारी उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करते हैं. लेकिन जब जयराम महतो जनता के पक्ष में आवाज उठाते हैं, तो सत्ता और प्रशासन के पसीने छूट जाते हैं. उस युवा ने चेतावनी दी कि अब यह आंदोलन एकतरफा नहीं बल्कि चौतरफा होगा, जिससे सरकार का राजसिंहासन डोल उठेगा.
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