Jharkhand में अब कागज पर नहीं होगा सरकारी भुगतान, वेतन-टीए समेत सभी बिलों पर डिजिटल सिग्नेचर अनिवार्य

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झारखंड में अब पेपरलेस होगा सरकारी भुगतान

झारखंड में 1 सितंबर से वेतन और सभी सरकारी बिलों का भुगतान डिजिटल सिग्नेचर के जरिए होगा. वित्त विभाग ने सभी डीडीओ को निर्देश जारी कर दिए हैं.

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विवेक चंद्र की रिपोर्ट

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रांचीः झारखंड में सरकारी भुगतान की व्यवस्था अब पूरी तरह पेपरलेस होने जा रही है. वित्त विभाग ने एक सितंबर से राज्य सरकार के सभी प्रकार के बिलों का भुगतान ई-साइन या डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से करने का निर्णय लिया है. इसके बाद वेतन, आकस्मिक व्यय, यात्रा भत्ता समेत विभिन्न अग्रिमों से संबंधित बिलों के भुगतान के लिए कागजी प्रक्रिया स्वीकार नहीं की जाएगी. वित्त विभाग की संयुक्त सचिव ज्योति कुमारी झा ने इस संबंध में पत्र जारी कर सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (डीडीओ) को आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया है. विभागों से कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू करने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए.

इन बिलों का भुगतान होगा डिजिटल

नई व्यवस्था के तहत सरकारी कर्मियों के वेतन बिल, आकस्मिक व्यय बिल, यात्रा भत्ता (टीए) बिल, हाउस बिल्डिंग एडवांस और मोटर कार एडवांस समेत अन्य संबंधित बिलों का भुगतान डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से ही किया जाएगा. यानी इन बिलों के भुगतान के लिए कागजी हस्ताक्षर वाली प्रक्रिया को समाप्त किया जा रहा है.

वित्त विभाग का यह कदम राज्य में डिजिटल वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है. इससे पहले संकल्प संख्या 665, दिनांक सात मार्च 2024 के माध्यम से राज्य सरकार के कर्मियों के वेतन तथा एसएनए स्पर्श से आच्छादित केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि का भुगतान पेपरलेस प्रक्रिया से करने का प्रावधान किया गया था. अब इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) के तहत ई-वाउचर प्रणाली का दायरा और बढ़ाया जा रहा है.

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मेकर-चेकर और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता होंगे नामित

ई-वाउचर प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए सभी विभागों में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं को नामित करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) से संबंधित कार्यों के लिए विभागीय स्तर पर मेकर और चेकर भी नामित किए जाएंगे. इन अधिकारियों की जानकारी वित्त विभाग को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है. आदेश की प्रतियां प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), झारखंड तथा पीएमयू कोषागार को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं. विभागीय पोर्टल पर भी यह आदेश अपलोड किया जाएगा.

हर माह करीब 3,205 करोड़ रुपये का सरकारी व्यय

राज्य सरकार के स्तर पर हर माह औसतन करीब 3,205 करोड़ रुपए का व्यय विभिन्न मदों में होता है. वार्षिक स्तर पर यह राशि करीब 38,456 करोड़ रुपये बैठती है.

वेतन मद में खर्च: राज्य सरकार अपनी कुल राजस्व प्राप्ति का करीब 16 प्रतिशत हिस्सा वेतन मद में खर्च करती है. यह राशि औसतन 1,800 से 2,000 करोड़ रुपए प्रति माह है.

पेंशन मद में खर्च: पेंशन पर करीब सात प्रतिशत राशि खर्च होती है. यह औसतन 800 से 900 करोड़ रुपए प्रति माह है.

ब्याज भुगतान: ऋण के ब्याज समेत अन्य मदों में करीब पांच प्रतिशत राशि खर्च होती है. यह औसतन 500 से 600 करोड़ रुपए प्रति माह है.

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