केडीएच में बायोमेट्रिक मशीन को किया क्षतिग्रस्त

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Birsa Munda

पुरनाडीह परियोजना में गेट मीटिंग कर बायोमेट्रिक हाजिरी बनाने का विरोध

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प्रतिनिधि, डकरा एनके एरिया के सभी कोयला परियोजना में बायोमेट्रिक सिस्टम से हाजिरी बनाने के विरोध में प्रदर्शन अब उग्र रूप लेने लगा है. जानकारी के अनुसार बुधवार रात को कारगिल में लगे बायोमेट्रिक मशीन की तार काट देने की मामला सामने आया है. इसके बाद मशीन से हाजिरी नहीं बनी और कामगार रजिस्टर पर अपनी हाजिरी बनाये. गुरुवार को सुबह प्रथम पाली में सभी परियोजना के हाजिरी घर में अलग-अलग समूह में कामगार जमा हुए और बायोमेट्रिक हाजिरी बनाने की प्रक्रिया का विरोध किये. रैयत विस्थापित मोर्चा के लोगों ने पुरनाडीह परियोजना में गेट मीटिंग कर बायोमेट्रिक के विरोध में नारेबाजी की. कहा कि कोयला क्षेत्र में बायोमेट्रिक सिस्टम शुरू करने के पहले जो तैयारी करनी चाहिए थी, वह नहीं की गयी है. मजदूरों को बिजली व पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलती हैं. कामगारों को ड्यूटी आने के पहले अपने परिवार के लिए पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ती है. ऐसे में ड्यूटी समय पर पहुंच पाना मुश्किल होता है. मौके पर राम लखन गंझू, विनय खलखो, नरेश गंझू, रामप्रवेश नायक, बिरसा उरांव आदि मौजूद थे. मशीन क्षतिग्रस्त करने की जांच शुरू : केडीएच पीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बायोमेट्रिक मशीन का तार कैसे क्षतिग्रस्त हुआ, इसकी जांच करायी जा रही है. वहीं दूसरी ओर सभी परियोजना प्रबंधन ने मजदूरों से लिखित अपील की है कि वह अपनी हाजिरी बायोमेट्रिक सिस्टम से बनायें. ऐसा नहीं होने पर उनके वेतन बनाने में समस्या आ सकती है. सभी नेताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया : बायोमेट्रिक हाजिरी का विरोध कर रहे अधिकांश ट्रेड यूनियन नेताओं ने इसके लिए अपना रजिस्ट्रेशन पहले ही कर लिया है. जो नेता कंपनी में कार्यरत हैं, वे सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. उन्हें उस समय ही पता था कि एक जुलाई से बायोमेट्रिक हाजिरी पूरे सीसीएल में एक साथ लागू किया जाना है. बावजूद रजिस्ट्रेशन का विरोध करने के बजाय, सभी रजिस्ट्रेशन कराने में तत्पर दिखे. खलारी रैयत विस्थापित मोर्चा ने पुरनाडीह परियोजना में गेट मीटिंग कर बायोमेट्रिक सिस्टम से हाजिरी बनाने का विरोध किया. अध्यक्षता बिगन सिंह भोगता ने की. उन्होंने कहा कि कोल इंडिया प्रबंधन कोयला कर्मचारियों को बंधुआ मजदूर बना कर खनन कार्य करना चाह रही है. सीसीएल प्रबंधन का जो रवैया है, इसे मोर्चा कभी बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक सिस्टम से कामगारों को हाजिरी बनाकर ड्यूटी करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. दूर दराज से जो रैयत विस्थापित मजदूर परियोजना में काम करने आते हैं और उन्हें मौसम के कारण या किन्ही अन्य कारणों से जब वे देर से ड्यूटी पहुंचेंगे तो उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. कहा कि उक्त सिस्टम में संडे कटौती भी किया जायेगा. भोगता ने कहा कि मजदूर मौसम के विपरीत कार्य करते हैं. बावजूद प्रबंधन अपनी मनमानी कर रहा है. मोर्चा मजदूरों के साथ अन्याय नहीं होने देगा और इसके लिए जोरदार आंदोलन भी करेगा. उन्होंने सभी मजदूरों से बायोमेट्रिक सिस्टम का एकजुट होकर विरोध करते हुए रजिस्टर पर हाजिरी बनाने का अनुरोध किया. संचालन रामलखन गंझू ने किया. मौके पर विनय खलखो, नरेश गंझू, प्रभाकर गंझू, विजय उरांव, कमल मुंडा, रामप्रवेश नायक, मनोज भोगता, किशुन गंझू, विनय उरांव, मुरारी शर्मा, सोनू ठाकुर, मुनेश्वर उरांव, बंधन गंझू, बाजो देवी व कामगार मौजूद थे.

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