Teacher's Day से पहले झारखंड में बड़ा आंदोलन, 10 हजार शिक्षक-कर्मचारी हड़ताल पर; 1250 स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई बाधित

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वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा अपनी मांगों को लेकर कर रहा आंदोलन | Prabhat Khabar Network

झारखंड के 1250 वित्त रहित स्कूल और कॉलेजों में शिक्षकों की हड़ताल से पठन-पाठन बाधित. अपनी मांगों को लेकर 10 हजार शिक्षक और कर्मचारी आंदोलन पर उतरे.

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रांची: राज्य के वित्त रहित शिक्षण संस्थान के शिक्षक व कर्मचारी बुधवार को शैक्षणिक हड़ताल पर रहे. शिक्षकों की हड़ताल के कारण राज्य के लगभग 1250 हाइस्कूल व इंटर कॉलेजों में पठन-पाठन बाधित रहा. झारखंड वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मनीष कुमार ने बताया कि हड़ताल में लगभग 10 हजार शिक्षक व कर्मचारी शामिल हुए.

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मोर्चा ने कहा कि पांच सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर लोक भवन, रांची के समक्ष धरना-प्रदर्शन के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गयी थी, लेकिन अनुमति नहीं दी गयी. इसके विरोध में शैक्षणिक हड़ताल का निर्णय लिया गया. मोर्चा अब पांच सितंबर को राज्य के सभी वित्त रहित संस्थानों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेगा. इसमें छात्र और शिक्षक-कर्मचारी शामिल होंगे. मोर्चा की बुधवार को शाम में बैठक हुई.

बैठक में आंदोलन की समीक्षा की गयी. इसके साथ ही पांच सितंबर के अंदोलन की तैयारी की समीक्षा में भी की गयी. बैठक में रघुनाथ सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, अरविंद सिंह, चंदेश्वर पाठक, देवनाथ सिंह, गणेश महतो, मनीष कुमार, संजय कुमार, नरोत्तम सिंह, मनोज तिर्की, अनिल तिवारी, विनय उरांव, रेशमा बेक, रघु विश्वकर्मा समेत अन्य शिक्षक शामिल थे.

मोर्चा की मुख्य मांग

मोर्चा की मुख्य मांगों में अनुदान राशि में 75 फीसदी बढ़ोतरी, शिक्षक व कर्मियों को राज्य कर्मी का दर्जा देना, जैक बोर्ड के सदस्यों का जल्द मनोनयन, वित्त रहित स्कूल, कॉलेजों के लिए नियमावली बनाना शामिल हैं.

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