झारखंड में यूरिया-DAP की कालाबाजारी करने वालों पर शिकंजा, कृषि निदेशक ने दिया जांच का आदेश

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झारखंड में यूरिया की ब्लैक मार्केटिंग मामले में जांच का आदेश, Pic Credit- AI, Only For Symbolism

झारखंड के साहिबगंज और पलामू जिलों में यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी की खबरें सामने आई हैं. कृषि मंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. राज्य भर में उर्वरक की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.

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रांची : साहिबगंज और पलामू जिले में यूरिया की कालाबाजारी की शिकायत मिली है. पलामू में कई स्थानों पर तय कीमत से अधिक में यूरिया बेचे जाने की शिकायत मिली थी. साहिबगंज में भी 400 रुपये बोरी तक यूरिया बेचे जाने की शिकायत कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की को मिली थी. मंत्री ने विभागीय सचिव को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है. विभागीय सचिव के निर्देश के बाद कृषि निदेशक ने दोनों जिलों में विशेष जांच कराने को कहा है. कृषि निदेशक पलामू उपायुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि डीएपी और यूरिया निर्धारित सरकारी दर से अधिक पर बेचने की शिकायत मिली है. इसकी जांच करायी जाये. इसके लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी भी गठित की जाये. अनियमितता पाये जाने पर सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाये.

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सभी जिलों में है संयुक्त जांच दल बनाने का निर्देश

राज्य के कृषि निदेशक ने सभी जिलों के उपायुक्तों को उर्वरकों की उपलब्धता, कालाबाजारी रोकने के लिए संयुक्त प्रवर्तन (इंफोर्समेंट) टीम गठित करने का निर्देश दिया है. उपायुक्तों को वैसे स्थानों को चिन्हित करने को कहा गया है, जहां उर्वरक की खपत सामान्य से अधिक है. जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सघन अभियान चलाने को कहा है. यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि उर्वरकों का उपयोग औद्योगिक कार्यों में नहीं हो. किसानों के बीच डीएपी की निर्भरता कम करने तथा एनपीकेएस और एसएसपी को बढ़ावा देने को कहा है.

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किस उर्वरक की कितनी कीमत

उर्वरकवजनकीमत (₹)
यूरिया45 किग्रा266.50
डीएपी50 किग्रा1,350
एमओपी50 किग्रा1,700–1,800 (लगभग)
एनपीके (10:26:26)50 किग्रा1,815 (लगभग)
एनपीके (12:32:16)50 किग्रा1,712 (लगभग)

क्या कहते हैं जिम्मेवार पदाधिकारी

खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए सभी जिलों को पूर्व में निर्देश दिया गया है. इसकी सघन निगरानी रखी जा रही है. दोषी पाये जाने पर कार्रवाई की जायेगी. किसानों से भी आग्रह है कि खाद कालाबाजारी की शिकायत सीधे करें.

बिद्यानंद शर्मा पंकज, निदेशक, कृषि

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