पूर्व एमडी होंगे गिरफ्तार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची: वेजफेड के निदेशक रहे रमोद नारायण झा (वर्तमान में निलंबित) और ग्रीन टेक इंडिया लिमिटेड के उमा शंकर सिंह पर धोखाधड़ी का आरोप सही पाया गया है.

आरोप साबित होने पर कोतवाली डीएसपी दीपक अंबष्ठ ने उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया है. गिरफ्तार नहीं होने की स्थिति में उनकी संपत्ति की कुर्की जब्ती करने का निर्देश भी केस के अनुसंधान दारोगा एसएन सहाय को मिला है. उल्लेखनीय है कि रमोद नारायण झा ने बिना एकरारनामा किये मेमर्स ग्रीनटेक इंडिया लि. के उमा शंकर को नगड़ी में पाली हाउस निर्माण का ठेका 2.08 करोड़ में दे दिया था.

बाद में काम के एवज में फरजी बिल के सहारे अनियमित ढंग से 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया. यहीं नहीं मेमर्स सिनर्जी टेक्नोफील्ड प्रालि को डीपीआर तैयार करने के लिए पांच लाख नौ हजार एक सौ एक रुपये का भुगतान कर दिया. इस बात का खुलासा तब हुआ, जब इसकी जांच सरकार के निर्देश पर उप-सचिव दिलीप कुमार झा, रतन कुमार और रामनाथ प्रसाद ने की. जांच में यह भी पाया गया कि बिना प्राक्कलन और तकनीकी स्वीकृति के ही नगड़ी में पाली हाउस का निर्माण किया गया.

ग्रीन टेक के उमा शरण सिंह को लाभ पहुंचाने के लिए तब तक री-टेंडर कराया गया, जब तक फरजी कागजात के आधार पर कार्य आवंटित नहीं हो गया. बिना कार्य पूर्ण किये अधूरे कार्य को पूर्ण दिखते हुए रुपये का भुगतान किया गया.

इस संबंध में पंडरा ओपी में पिछले माह प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. मामले में सुपरविजन की जिम्मेवारी दीपक अंबष्ठ को दी गयी थी. उन्होंने जांच के दौरान केस करवाने वाले जितेंद्र सहित वेजफेड के अन्य अधिकारियों का बयान लिया. उन्होंने रमोद नारायण झा और अन्य पर लगे आरोप को सही बताया. इसके बाद डीएसपी ने गिरफ्तारी का आदेश दिया है. इसके साथ ही डीएसपी ने अनुसंधानक को अन्य बिंदुओं पर जांच का आदेश दिया है.

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